-13 महीने बाद न्याय की पहली सीढ़ी पूरी, परिजन बोले- फांसी की सजा मिले
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। पूरे देश को दहला देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड उर्फ नीले ड्रम
हत्याकांड में आखिरकार 13 महीने बाद न्याय की पहली सीढ़ी पूरी हुई। जिला एवं सत्र
अदालत ने बुधवार को इस जघन्य हत्याकांड में मृतक की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके
प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है।
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चौधरी चरण सिंह
जेल में बंद दोनों आरोपियों को फैसला सुनाया। जज ने सख्त लहजे में कहा -
"सारे सबूत, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों को देखने के बाद मैं इस
निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि तुम दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और सबूत मिटाने के
लिए शव को नीले ड्रम में छिपाया। तुम दोनों को दोषी करार दिया जाता है।" अदालत
ने भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी माना है।
कोर्ट ने दोनों को सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
अब 15 अक्टूबर के आस-पास सजा पर बहस होगी। जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे
और अभियोजन पक्ष ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस बताते हुए दोनों के लिए मृत्युदंड की
मांग की है। वहीं बचाव पक्ष के वकील अभिषेक चौरसिया और चीफ लीगल एंड डिफेंस
काउंसिल रेखा जैन ने कहा कि मुस्कान की छोटी बच्ची है जो जेल में ही जन्मी है,
इसलिए सजा में नरमी बरती जाए।
126 तारीख, 22 गवाह, 1000 पन्ने की चार्जशीट
यह मुकदमा 17 मार्च 2025 को दर्ज हुआ था। 19 मार्च को दोनों को जेल भेजा गया।
जुलाई 2025 में जिला जज की कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। करीब 13 महीने में 126
तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों ने गवाही दी। इसमें पुलिस, फोरेंसिक टीम,
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और सौरभ की मां रेणु राजपूत भी शामिल हैं। रेणु ने
कोर्ट में बताया था कि सौरभ ने 2016 में परिवार के विरोध के बावजूद मुस्कान से
शादी की थी और मुस्कान शादी के बाद भी साहिल से मिलती रही।
क्या था नीला ड्रम कांड?
1.
3 मार्च 2025 - मर्चेंट नेवी से छुट्टी पर आए सौरभ की गला काटकर और धारदार
हथियार से हत्या।
2.
4 मार्च - शव के 15 टुकड़े कर बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरा और ऊपर से
सीमेंट-बालू का घोल डाल दिया।
3.
5 मार्च - हत्या के बाद मुस्कान और साहिल शिमला घूमने चले गए और सौरभ के
इंस्टाग्राम पर फोटो डाले।
4.
16 मार्च - मकान मालिक ने कमरा खाली करने को कहा, मजदूर भारी ड्रम नहीं उठा
पाए।
5.
17 मार्च - पुलिस ने ड्रम खोला तो अंदर से सौरभ का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
6.
19 मार्च - मुस्कान और साहिल गिरफ्तार, जेल भेजे गए।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी। दोनों
ने हत्या से पहले ही चाकू, रेजर, सीमेंट और ड्रम खरीद लिया था।
परिवार ने कहा - फांसी से कम कुछ नहीं
फैसले के बाद सौरभ के भाई ने कहा कि परिवार को न्यायालय पर पूरा भरोसा है और
वे दोनों हत्यारों के लिए फांसी से कम सजा स्वीकार नहीं करेंगे। यदि सजा कम हुई तो
वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
जेल में बदले मुस्कान-साहिल
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों ने कोर्ट से वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग पर ही फैसला सुनने की अपील की थी। जेल में मुस्कान सुबह-शाम शिवजी
की पूजा करती है, जबकि साहिल ने अन्य कैदियों से मिलना-जुलना बंद कर दिया है और
गुमसुम रहता है।

No comments:
Post a Comment