नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर रात-रात भर एक्टिव रहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta ने 'डिजिटल बेडटाइम' फीचर का ट्रायल शुरू किया है, जिसके तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप बंद रहेगा। लेकिन यह पाबंदी सभी यूजर्स के लिए नहीं है। वायरल मैसेज में इसे सभी के लिए बताया जा रहा है, जबकि असलियत कुछ और है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल Meta ने अमेरिका में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए राज्यों के साथ समझौता किया है। अमेरिका के कई राज्यों ने 2023 में Meta पर आरोप लगाया था कि कंपनी ने ऐसे फीचर बनाए जिससे बच्चों में लत लगती है। इसी मुकदमे के समझौते के तहत Meta ने कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है।
क्या-क्या बदलेगा? सिर्फ 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए:
1. रात में ऐप बंद: रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किशोर फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
2. दिन में 2 घंटे की लिमिट: फेसबुक और इंस्टाग्राम को मिलाकर रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट लिमिट होगी। इसे हटाने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी।
3. स्कूल टाइम में साइलेंस: सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक डिफॉल्ट रूप से नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगे।
4. ब्रेक रिमाइंडर: लगातार इस्तेमाल के दौरान नियमित ब्रेक लेने के रिमाइंडर दिखाए जाएंगे।
Meta ने इस समझौते के लिए 17 से 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करने पर सहमति जताई है, हालांकि कंपनी ने कोई गलती स्वीकार नहीं की है।
भारत में लागू होगा क्या?
फिलहाल यह अमेरिकी समझौता है और इसका भारत में सीधे तौर पर कानूनी असर नहीं होगा, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत समेत दुनियाभर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए ऐसे ही पैरेंटल कंट्रोल और स्क्रीन टाइम फीचर लागू किए जा सकते हैं।

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