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Wednesday, August 26, 2026

बेटियों की राह आसान कर रही योगी सरकार की स्कूटी योजना


-रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के पहले चरण में 390 छात्राओं का सत्यापन पूरा, अनुपस्थित छात्राओं को भी मिलेगा अवसर

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। प्रदेश की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सुगम आवागमन की सुविधा देने की योगी सरकार की पहल रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना आगे बढ़ रही है। 

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध छह जिलों की पहले चरण में अर्ह 1145 छात्राओं में से बुधवार को 390 छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। पहले चरण में 800 छात्राओं को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार को भी सत्यापन प्रक्रिया जारी रहेगी। बुधवार को किसी कारण से नहीं पहुंच सकीं छात्राओं को भी गुरुवार को सत्यापन कराने का अवसर दिया जाएगा। गुरुवार को 345 छात्राओं को बुलाया गया है। इसके साथ ही पहले दिन अनुपस्थित छात्राओं के पहुंचने से सत्यापन कराने वाली छात्राओं की संख्या और बढ़ सकती है।

उच्च शिक्षा की राह में सहायक बनेगी स्कूटी
योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनके आवागमन को आसान बनाना है। स्कूटी मिलने से छात्राओं को कालेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी। इससे विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं को लाभ मिलेगा।

मूल अंकपत्र के साथ पहुंचें छात्राएं
विश्वविद्यालय ने छात्राओं से सत्यापन के समय मूल अंकपत्र साथ लाने को कहा है। बुधवार को कई छात्राएं इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र लेकर पहुंचीं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन के लिए मूल अंकपत्र आवश्यक है और परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। योजना का लाभ निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली छात्राओं को ही मिलेगा। दूसरे राज्य की निवासी तथा 12 लाख रुपये से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय वाली छात्राएं योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

विशेष श्रेणी की छात्राओं को भी अवसर
योजना में शहीद, दिव्यांग और निराश्रित वर्ग की छात्राओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। इन वर्गों में 78.8 प्रतिशत से कम और 68.08 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राएं भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकती हैं। इसके लिए जिलाधिकारी कार्यालय से जारी संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

दिव्यांग श्रेणी में 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली छात्राओं का आवेदन मान्य होगा। इसके साथ छात्रा का स्कूटी चलाने में सक्षम होना भी जरूरी है। निराश्रित श्रेणी में माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु होने और परिवार में कमाने वाला सदस्य न होने की स्थिति को शामिल किया गया है।

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