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Wednesday, August 26, 2026

बिजली विभाग की मीटर बदलने वाली एजेंसी पर भ्रष्टाचार का आरोप


उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने लगाए गंभीर आरोप, 1 सितंबर को एमडी कार्यालय पर धरना और पुतला दहन की चेतावनी

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने अधिशासी अभियंता, विद्युत नगरीय वितरण खंड, जेल चुंगी को पत्र देकर मीटर बदलने वाली प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारियों पर अवैध वसूली, धमकी और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

मंडल के पत्रांक 21 / उ०व्या०प्र०मं०उ०प्र०(पंजी०)/मेरठ/2026-27 के अनुसार, शिकायतकर्ता का अकाउंट आईडी 6997660000 है, जिसका लोड विभाग द्वारा 4 किलोवाट से बढ़ाकर 5 किलोवाट किया गया था। 24 अगस्त 2026 को थ्री फेज मीटर लगाने का आदेश हुआ था।

आरोप क्या हैं?
शिकायत के मुताबिक 24 अगस्त को ही मीटर लगाने वाली कंपनी का अंकुश नाम का व्यक्ति एक साथी के साथ आया। आरोप है कि:
• केबिल के कनेक्शन को खंभे पर न करके पुरानी केबिल में ही जोड़कर लाइट चालू कर दी। 
• पुराना मीटर बिना सील किए ही मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर लटकाकर ले गए, जिसकी फोटो भी पत्र के साथ लगाई गई है। 
• सीलिंग सर्टिफिकेट में लैब का पता, जांच की तारीख और समय कुछ भी नहीं लिखा गया। 
• मीटर लगाने के नाम पर 500 रुपये और खंभे पर तार जोड़ने के लिए 500 रुपये की अलग से मांग की गई। पैसे न देने पर धमकी दी कि "मीटर की जांच लैब में हमें ही करनी है, तब देख लेंगे।" 
वाट्सएप पर अधिकारियों को सूचना देने के बाद अगले दिन लाइनमैन के साथ आकर तार को खंभे पर जोड़ा गया।

मंडल की चार मांगें
मंडल ने कहा है कि विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के अनुसार उतारा गया मीटर उपभोक्ता के यहां से सील करके ले जाना चाहिए और उसकी जांच उपभोक्ता के सामने लैब में होनी चाहिए। बिना सील ले जाना और सीलिंग सर्टिफिकेट में जानकारी न देना उपभोक्ता के साथ बड़ा अत्याचार है।
1. मीटर की निष्पक्ष जांच कराकर जांच रिपोर्ट दी जाए। 
2. अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों पर विद्युत अधिनियम-2003 के तहत सख्त कार्रवाई हो। 
3. मीटर बदलने वाली एजेंसी की उच्च स्तरीय जांच कराकर उसका ठेका रद्द कर ब्लैक लिस्ट किया जाए। 
4. दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाए। 
1 सितंबर को धरना
पत्र में चेतावनी दी गई है कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल दिनांक 01.09.2026 को सुबह 11 बजे प्रबंध निदेशक, प०वि०वि०नि०लि०, मेरठ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का पुतला दहन करेगा और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को सख्त कार्रवाई के लिए मांग पत्र भेजेगा।

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