नित्य संदेश, इंदौर / मुंबई : ख़्वाब बेशक़ मुक़म्मल होते हैं बशर्ते वो जिन आँखों में पल रहे हैं वो आँखें उन ख़्वाबों के लिए मुसलसल मेहनत करना जानती हों, दुनिया में ऐसी शख्सियतें बहुत कम हैं जिन्होंने छोटे गाँवों, कस्बों से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपने हुनर का परचम लहराया हो.... इसी कड़ी में हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के सतना जिले के गुज्हवा की, जहाँ के रहने वाले आर्यम ने अपनी मख़मली, रूहानी और दिलकश आवाज़ के दम पर बॉलीवुड की दुनिया में प्रवेश किया और कामयाबी के झंडे गाड़े... गुज्हवा के आर्यम ने इमरान हाशमी की हालिया रिलीज़ मूवी आवारापन 2 के बेहद रोमांटिक गीत " तुम्हारे लिए " में अपनी आवाज़ से करोड़ों श्रोताओं को अपनी आवाज़ का दीवाना बना दिया... अपने पहले ही गीत में उन्हें मशहूर पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल जी के साथ गाने का अवसर मिलना उनके अथक परिश्रम, अटूट लगन और निरंतर रियाज़ का ही सुखद परिणाम है...
एक सिनेमा विश्लेषक एवं संगीत प्रेमी होने के नाते यही कहूंगा कि आवारापन 2 एल्बम में वैसे तो सभी गीत शानदार हैं परन्तु फ़िल्म रिलीज़ के बाद रोमांटिक ट्रैक " तुम्हारे लिए " को जो प्यार आडियन्स से मिला है वो कमाल है और शायद आर्यम की आवाज़ ने युवा दिलों को फिर से इश्क़ करना सीखा दिया है,आर्यम के नज़दीकी पारिवारिक सूत्रों से बात करने पर उन्होंने मुझे बताया कि गुज्हवा से मुंबई तक का सफ़र ही , आर्यम के संघर्ष की असली कहानी है उन्होंने लगभग 11 वर्ष अथक मेहनत की अपने ख़्वाब को सच करने के लिए और उनके ख़्वाब की ताबीर आज सारे हिंदुस्तान में सुनायी दे रही है...
आर्यम की सुरीली आवाज़ में गीत " तुम्हारे लिए " आज लव एंथम बनकर लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया है...
मुंबई में संघर्षरत आर्यम के जीवन में उस वक़्त क़ामयाबी ने दस्तक दी जब उनकी मुलाक़ात गीतकार -संगीतकार कुणाल वर्मा से हुई और उसके बाद विशेष फिल्म्स के मुकेश भट्ट और विशेष भट्ट ने उनकी आवाज़ पर भरोसा जताया और आर्यम बन गए तुम्हारे लिए की मखमली आवाज़...
तुम्हारे लिए को खूबसूरत तरीके से कम्पोज़ किया है मेरे हमनाम वासिफ़ अहमद ने और इसके बेहतरीन बोल लिखे हैं युवा गीतकार सचिन उर्मतोश ने...
आर्यम ने बताया कि उनके इस सफ़र में उनके परिवार, दोस्तों ने भी उनका सहयोग किया ताकि वो बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग के अपने ख़्वाब को पूरा कर सकें...
आर्यम के आवारापन 2 के गीत तुम्हारे लिए से उन्हें आज एक बड़ी और सशक्त पहचान मिली है... आवारापन 2 से शुरू हुआ उनकी आवाज़ का जादू हमें आने वाली कुछ फिल्मों में भी देखने को, सुनने को मिलेगा.... जल्द ही आर्यम से मुलाक़ात कर उनका साक्षात्कार लेने का अवसर मिलेगा तब और अधिक जानने को मिलेगा इस प्रतिभाशाली गायक आर्यम के बारे में...
अपने लेख के अंत में शाइर रईस रामपुरी का इक शे'र, आर्यम साहब को नज़्र करूँगा -
शौक़-ए-आवारगी-ओ-ज़ौक़ तलब के क़ुर्बां ..
उठ गए हैं तो कहाँ अपने क़दम ठहरे हैं ...
© काज़ी की क़लम

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