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Wednesday, August 19, 2026

मेरठ में मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन के नेतृत्व में आज परतापुर क्षेत्र एवं रोहता रोड पर मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराना रहा।


अभियान के दौरान की गई कार्रवाई -

  • स्कूली वाहनों में अनियमितता पर 3 वाहन जब्त तथा 4 चालान किए गए।
  • ओवरलोडेड माल वाहनों के विरुद्ध 5 चालान तथा 2 वाहन जब्त
  • अनधिकृत रूप से संचालित यात्री वाहनों के विरुद्ध 2 जब्ती एवं 3 चालान की कार्रवाई।


स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित प्रमुख सुरक्षा मानक -

अधिकारियों ने बताया कि स्कूली वाहनों का संचालन मोटर यान अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989, AIS-063 तथा उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली 2019 के अध्याय IX-A के अंतर्गत नियंत्रित होता है।

  1. वाहन का रंग सुनहरा पीला होना और चारों ओर स्पष्ट रूप से "स्कूल बस" लिखा होना अनिवार्य है।
  2. डीजल वाहनों की आयु 10 वर्ष और पेट्रोल / सीएनजी वाहनों की आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  3. वैध परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र अनिवार्य हैं।
  4. वाहन में स्पीड गवर्नर, जीपीएस / VLT, सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
  5. खिड़कियों पर हॉरिजॉन्टल स्टील ग्रिल, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक चिकित्सा किट होना जरूरी है।
  6. चालक के पास वैध लाइसेंस, पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए।
  7. प्रत्येक बस में अटेंडेंट की व्यवस्था और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाना अनिवार्य है।


एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि ओवरलोड माल वाहन सड़क हादसों का बड़ा कारण हैं, जबकि अनधिकृत यात्री वाहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

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