• साक्षात्कारदाता : डॉ अखिलेश राव जी
नित्य संदेश
प्रश्न 1- आप अनेकों पदों पर कार्यरत हैं और कार्य का तजुर्बा भी रखते हैं। अभी तक आपने कहां-कहां सेवाएं दी हैं ?
उत्तर - 1995 में नर्मदा महाविद्यालय से स्नातकोत्तर करने के बाद नवभारत समाचार पत्र में सहायक सम्पादक भोपाल में रहा और रायसेन जिला में ब्यूरोचीफ रहा।1998 में देपालपुर के मालवा पब्लिक विद्यालय में व्याख्याता, 2003, विवेक विद्या पीठ में प्राचार्य 2014 तक, 2014से अब तक देवी अहिल्या कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर में सहायक प्राध्यापक हिन्दी साहित्य कार्यरत हूँ। स्वदेश इंदौर में भी समाचार सहायक के रूप में मैं कार्यरत रहा।
प्रश्न 2- हिंदी साहित्य के विकास के लिए आपने क्या-क्या किया ? क्या कोई पुस्तक भी प्रकाशित हुई है ?
उत्तर - हिन्दी साहित्य में बचपन से ही रुचि थी। क्षणिकाएं लिखने से यात्रा आरम्भ हुई। अब कविता, आलेख, व्याख्यान, कार्यशाला, संचालन के साथ मेरी पुस्तक प्रणय और प्रलय के उन्मुक्त गायक माखन लाल चतुर्वेदी में कब बदल गई पता ही नहीं चला। पुस्तक मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी से प्रथम अनुदान कृति से पुरस्कृत हो चुकी हैं।
प्रश्न 3- साहित्य के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान है। वर्तमान में आप किन साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े हैं ?
उत्तर - वर्तमान में
अध्यक्ष — स्वर्गीय रुक्मणी देवी वेलफेयर सोसायटी इंदौर
संरक्षक — शब्द सागर समूह इंदौर
सदस्य — श्री मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति इंदौर एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान इंदौर
महासचिव — विद्योतमा फाउंडेशन इकाई इंदौर
एवं सहायक प्राध्यापक हिन्दी साहित्य देवी अहिल्या कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर।
प्रश्न 4- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। मैं जानना चाहूंगी कि समाज के लिए आपने क्या किया है?
उतर - विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वाद्धनमाप्नोति, धनाद्धर्मं ततः सुखम्- के पुण्य भाव से कार्य करने लगे महाविद्यालयीन जीवन में सामाजिक सांस्कृतिक संस्था आकांक्षा परिवार की स्थापना की। उसके माध्यम से छात्र छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, पुस्तक, कापी वितरण, नेत्र शिविर, पौधा रोपण किया।
प्रश्न 5- वृक्ष हमें प्राण वायु देते हैं पर्यावरण को संतुलित करते हैं। क्या आपने कुछ वृक्ष लगाए हैं?
उत्तर - आपका अच्छा प्रश्न है। प्रकृति की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ सांस लेने में दिक्कत न हो। दो जून को मेरा जन्मदिन था। इस वर्ष संकल्प लिया कि वर्ष भर में प्रतिदिन के हिसाब से 365 पौधा रोपण करने का लक्ष्य है। उसी में अभी तक 10 पौधे रोपण कर चुका हूँ।
प्रश्न 6- अब तक आपको प्राप्त सम्मानों में से सबसे अच्छा सम्मान कौन सा लगा?
उत्तर - सम्मान सभी प्रेरणादाई होते हैं और उनसे हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती हैं ।निरन्तर अच्छे कार्य करने का लक्ष्य है।
प्रश्न 7- आप समाज को क्या संदेश देना चाहेंगे ?
उत्तर - मैं सभी देशवासियों से विनम्र निवेदन करना चाहूंगा कि राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा के संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार में अपना यथाशक्ति योगदान दें। हिन्दी हमारी पहचान, एकता और सांस्कृतिक विरासत की वाहक है। आइए, हम सब मिलकर हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने तथा राष्ट्र वंदना की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।
साथ ही पर्यावरण के संवर्धन और सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्पित हों।

No comments:
Post a Comment