नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आम आदमी पार्टी के
जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी को बुधवार सुबह पुलिस ने फिर से घर में नजरबंद कर दिया। प्रेस विज्ञप्ति
जारी कर अंकुश चौधरी ने कहा कि मेरा कसूर सिर्फ इतना है कि मैं
नौजवानों और छात्रों की आवाज बन रहा हूं। क्या उत्तर प्रदेश में अब नौजवानों और
छात्रों की आवाज उठाना गुनाह बन गया है?
कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे छात्रों के साथ जिस तरह बर्बरता की गई, वह बेहद निंदनीय है। और उससे भी ज्यादा चिंताजनक यह
है कि जो भी व्यक्ति उनके समर्थन में आवाज उठाने या लोकतांत्रिक तरीके से
धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जाता है, उसे पुलिस के बल पर रोक दिया
जाता है। यह केवल मेरी आजादी पर हमला
नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और नागरिकों
के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। बिना किसी नोटिस, बिना किसी अपराध के किसी व्यक्ति को उसके ही घर में
नजरबंद कर देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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