नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली: दिल्ली में छात्रों की मांगों के समर्थन में पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है।
समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों की आवाज उठाने वाले विपक्ष के नेता को रोकना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
समाजवादी पार्टी के नेता शैंकी वर्मा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है।
शैंकी वर्मा ने कहा, "छात्रों पर दमन और उनके समर्थन में पहुंचे नेताओं को हिरासत में लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरकार युवाओं की आवाज से डर गई है।"
उन्होंने मांग की है कि सभी छात्र-युवाओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। शैंकी वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद होना चाहिए।
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