-राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों
को किया आंगनबाड़ी किट का वितरण
लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षान्त समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत से हुआ। कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा जनपद बुलंदशहर, हापुड़ एवं गाजियाबाद के जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर के बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीनेशन करने में सराहनीय योगदान प्रदान करने हेतु प्रशस्ति पत्र के माध्यम से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को पुस्तक भेंट की। राज्यपाल द्वारा विवि के विभिन्न भवनों का ऑनलाईन लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
राज्यपाल ने कच्छ की पारंपरिक हस्तकला को वैश्विक पहचान दिलाने, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा भारतीय
लोककला एवं हस्तशिल्प संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए रसीला बेन कांजीभाई
डुंगरिया को डी.लिट् (मानद) उपाधि से सम्मानित
किया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा पर्यावरण गीत एवं अभिनय की प्रस्तुति दी गई, सभी छात्राओं को राज्यपाल द्वारा उपहार दिए
गए। गोद लिए गए गांव में आयोजित भाषण, चित्रकाल, कहानी-कथन आदि प्रतियोगिता में 03 विजेताओं रीतिका, साक्षी, मोनिका को पुरस्कृत किया गया। प्राथमिक विद्यालय के
प्रधानाचार्यों को पुस्तके भेंट की गई। राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ठ कार्य करने वाले
शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया।
75 प्रतिशत से अधिक पदक बेटियों
ने प्राप्त किए
राज्यपाल ने छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि इस
वर्ष 75 प्रतिशत से अधिक पदक बेटियों
ने प्राप्त किए हैं, जो उनकी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने समाज से
बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक
विद्यार्थी की सफलता के पीछे माता-पिता एवं गुरुजनों का महत्वपूर्ण योगदान होता
है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के अनुभव साझा किए
कच्छ भूकंप के बाद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि
पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प से जुड़ी प्रतिभाओं को शिक्षा और सम्मान दोनों मिलना
चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे प्रतिभाशाली कारीगरों के लिए विश्वविद्यालयों
में विशेष अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा इस दिशा में नए पाठ्यक्रम विकसित किए जाएं।

.jpg)
.jpg)
No comments:
Post a Comment