-नशा मुक्त और स्वच्छता पर ध्यान
दे तो यूपी का नंबर-वन विवि बनेगा मेरठ
अशोक सोम
नित्य संदेश, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में बुधवार
को प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को
आईना दिखाया। मंच से उन्होंने कैंपस की अव्यवस्थाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा
कि "शिक्षा के मंदिर के हॉस्टल में नशे की सामग्री मिलना और जगह-जगह जलभराव व
गंदगी का होना बेहद शर्मनाक है।"
राज्यपाल ने कहा कि सीसीएसयू से ए++ ग्रेड मिलने के बाद भी
अगर अनुशासन नहीं सुधरा तो यह उपलब्धि बेकार है। उन्होंने मंच से विश्वविद्यालय
प्रबंधन को तीन स्पष्ट नसीहतें दीं। कैंपस को पूर्णतया नशा-मुक्त घोषित किया जाए। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नियम तोड़ने वाले छात्रों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। अपने परिवार का उदाहरण देते हुए राज्यपाल भावुक हो गईं और कहा, "हमारे परिवार में नशाखोरी तो
दूर, चार पीढ़ियों से चाय तक नहीं पी
जाती।" उन्होंने कहा कि हॉस्टल में
ड्रग्स, शराब और नशे की खाली बोतलें
मिलना सिर्फ छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय और
अभिभावकों का अपमान है। "माता-पिता आपको पढ़ने भेजते हैं, नशा करने नहीं।"
प्रतिभा शिक्षा की मोहताज नहीं
राज्यपाल ने कहा कि एनईपी-2020 का लक्ष्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण करना है। उन्होंने कहा, "सादगी अपनाएं, परिश्रम को मंत्र बनाएं और चौधरी चरण सिंह के आदर्शों
पर चलें।" उन्होंने कहा, "स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया
जाए और नशाखोरी बंद हो तो सीसीएसयू प्रदेश की प्रथम यूनिवर्सिटी बन जाएगी। प्रतिभा शिक्षा
की मोहताज नहीं है।"
राज्यपाल की
नाराजगी से मचा हड़कंप
राज्यपाल की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुलपति
ने हॉस्टलों में औचक निरीक्षण, सीसीटीवी निगरानी
बढ़ाने और एंटी-ड्रग सेल गठित करने का आश्वासन दिया। नशा करते पकड़े जाने पर सीधे
निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। 83 वर्ष की उम्र में भी ऊर्जा की
मिसाल बनीं राज्यपाल ने इस दौरान पीएम मोदी की दूरदर्शिता की भी जमकर तारीफ की। राज्यपाल
के भाषण के बाद सभागार में देर तक तालियां गूंजती रहीं।

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