रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़। क्षेत्र के ग्राम गाजीपुर निवासी जितेन्द्र यादव को आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जितेन्द्र यादव सीआरपीएफ की 178 बीएन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और श्रीनगर के सोपोर में ड्यूटी कर रहे थे। बीमारी के चलते उनका निधन हो गया।
सोमवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गाजीपुर पहुंचा तो पूरे परिवार
और गांव में मातम पसर गया। सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पार्थिव शरीर को 178 बीएन सीआरपीएफ के जवान लेकर
पहुंचे। 139 बीएन दिल्ली यूनिट के
इंस्पेक्टर बहादुर सिंह नागर के नेतृत्व में हवलदार दीपक कुमार, हवलदार निक्कू सिंह, कांस्टेबल हंसवीर सिंह, हवलदार सरंजन सरकार, कांस्टेबल विनोद पटेल, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल राजेश शर्मा आदि ने सलामी देकर गार्ड ऑफ
ऑनर दिया। इस मौके पर सपा नेता पूर्व
प्रदेश सचिव किशोर वाल्मीकि ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शहीद
जितेन्द्र यादव पर हमें गर्व है। हम सरकार से मांग करते हैं कि शहीद जितेन्द्र
यादव की याद में एक स्मारक और द्वार बनवाया जाए।
जितेन्द्र यादव की पत्नी सीमा देवी खेकड़ा निवासी हैं। वह अपने पीछे दो
नाबालिग बेटे अंश यादव (14 वर्ष) और वंश यादव (13 वर्ष) छोड़ गए हैं। परिवार में उनके भाई नीरज यादव
हैं, जो एयरफोर्स में डॉक्टर के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में बैंगलोर में
ड्यूटी कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस दौरान तहसील की
टीम का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसको लेकर गांव में चर्चा बनी रही। यहां सुंदर यादव, संदीप जाटव, नौसाद सैफी, मनोज यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण
मौजूद रहे।
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