• कृषि विवि का 19वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 450 छात्रों को मिली उपाधी
आरिफ कुरैशी
नित्य संदेश, मोदीपुरम। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 19वें दीक्षांत समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता उप्र की राज्यपाल एवं विवि की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी, विशिष्ट अतिथि सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रपौत्र अतुल धीरजलाल पटेल, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं राज्यमंत्री कृषि बलदेव सिंह औलख रहे।
समारोह में कुल 450 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। विभिन्न
संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। बीवीएससी एवं एनिमल हसबैंड्री के
छात्र आशुतोष शर्मा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चांसलर गोल्ड मेडल प्रदान किया
गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रायोजित स्वर्ण पदक, बेस्ट टीचर अवार्ड तथा आउटस्टैंडिंग वुमन टीचर अवार्ड
भी प्रदान किए गए। वैक्सीनेशन में उत्कृष्ट कार्य करने पर बागपत के जिलाधिकारी व
सीडीओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं बागपत की आंगनबाडी
कार्यकर्त्रियों को बच्चों की कुसी, ट्राईसाईकिल, खिलौने, गिफ्ट आदि वितरित किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि
दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के नए संकल्प का पर्व है। विद्यार्थियों के हाथों में
पहुंचने वाली उपाधि उनके परिश्रम, गुरुजनों के मार्गदर्शन और
अभिभावकों के त्याग का सम्मान है। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
सोमेन्द्र तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, एमएलसी धर्मेन्द्र भारद्वाज, पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे सहित
जनप्रतिनिधिगण, प्रबंध परिषद के सदस्य एवं अन्य
अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञान एवं कौशल का करें सही उपयोग
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत
उन्नति तक सीमित न रखते हुए किसान, गांव, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान
किया। राज्यपाल ने कहा कि अनेक
महिलाएं औपचारिक शिक्षा प्राप्त न होने के बावजूद अपने परिश्रम और उद्यमिता के बल
पर करोड़ों रुपये का व्यवसाय कर रही हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरणों से सीख लेकर प्रत्येक
व्यक्ति को कठिन परिश्रम और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
ये कहा कुलपति ने
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों की
जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 133 करोड़ रुपये की विभिन्न आधारभूत संरचना विकास
परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं
अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार एवं विश्वविद्यालय के
मध्य कृषि, आयुर्वेद तथा अनुसंधान के
क्षेत्र में सहयोग हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ. वीपी सिंह एवं प्रमिला उमराव ने किया।
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