नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। नवजात शिशुओं में होने वाली एक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा जन्मजात विकृति कंजेनाइटल सबग्लॉटिक स्टेनोसिस (Congenital Subglottic Stenosis) के उपचार में न्यूटेमा हॉस्पिटल ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह बीमारी 1 से 7 दिन के नवजात शिशुओं की श्वास नली में होती है, जिसमें श्वास नली सिकुड़ी हुई होती है। समय पर पहचान और विशेषज्ञ उपचार न मिलने पर यह स्थिति नवजात के लिए प्राणघातक हो सकती है। न्यूटेमा हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल में अब तक ऐसे 15 नवजात रोगियों का सफल उपचार किया जा चुका है। यह संख्या अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है और नवजात एवं बाल श्वास नली रोगों के क्षेत्र में अस्पताल की उच्च स्तरीय विशेषज्ञता को प्रमाणित करती है। इसी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए अस्पताल द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता का विवरण:
दिनांक: शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
समय: अपराह्न 3:30 बजे
स्थान: बोर्ड रूम, न्यूटेमा हॉस्पिटल, एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज के सामने, गढ़ रोड, मेरठ
प्रेस वार्ता में अस्पताल के वरिष्ठ नियोनेटोलॉजिस्ट एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. प्रियंका गुप्ता तथा पीडियाट्रिक ईएनटी सर्जन डॉ. रेनू उपाध्याय एवं डॉ. सुमित उपाध्याय इस दुर्लभ बीमारी, उसके लक्षण, उपचार प्रक्रिया और सफल केस स्टडीज के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
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