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Tuesday, July 21, 2026

विद्या यूनिवर्सिटी ने आईबीएम के साथ किया महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं औद्योगिक समझौता




विद्यार्थियों को मिलेंगे आधुनिक तकनीकी ज्ञान, इंटीग्रेटेड सर्टिफिकेट कोर्स, अतिरिक्त क्रेडिट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के अवसर

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ।  विद्या यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, उद्योग आधारित कौशल, व्यावहारिक अनुभव एवं रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आईबीएम के लिए ट्रांस न्यूरॉन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग स्थापित किया है। इन समझौतों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नवीनतम तकनीकों, व्यावहारिक ज्ञान एवं जॉब-ओरिएंटेड स्किल्स से परिचित कराना है।

आईबीएम के साथ हुए एमओयू के माध्यम से नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय के बीटेक, एमटेक, बीसीए एवं एमसीए के विद्यार्थियों को इंटीग्रेटेड सर्टिफिकेट कोर्स करने का अवसर मिलेगा। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित करने, तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल विकसित करने तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने में सहायता मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त प्रमाणपत्र प्राप्त करने के साथ-साथ भविष्य में बेहतर रोजगार एवं करियर के अवसर हासिल करने में भी मदद मिलेगी। वहीं, आईबीएम के साथ हुए समझौते के तहत कंपनी द्वारा विकसित इंटेलिजेंट लर्निंग इकोसिस्टम प्लेटफॉर्म तक विश्वविद्यालय एवं उसके विद्यार्थियों को पहुंच प्रदान की जाएगी। यह प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ इंडस्ट्री एक्सपोजर प्राप्त करने में सहायता करेगा। विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के साथ-साथ उन्हें इसके प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करेगा।

आईबीएम की ओर से ट्रांस न्यूरॉन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता 21 जुलाई 2026 को विद्या यूनिवर्सिटी में संपन्न हुआ। समझौते पर कंपनी की ओर से सीईओ शिवम शर्मा तथा विद्या यूनिवर्सिटी की ओर से रजिस्ट्रार विजय कुमार दुबे ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विद्या यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार जैन, प्रो-चांसलर विशाल जैन एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) हिरेन दोशी ने इन महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोगों पर प्रसन्नता व्यक्त की। चांसलर प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल पारंपरिक शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं और नवीन तकनीकों से परिचित कराना भी आवश्यक है। आईबीएम के साथ हुए ये सहयोग विद्यार्थियों को शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रो-चांसलर विशाल जैन ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के पास उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक तकनीकी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और अतिरिक्त प्रमाणपत्र भी होने चाहिए। इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने कौशल को निखारने, इंडस्ट्री एक्सपोजर प्राप्त करने और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

कुलपति प्रो. (डॉ.) हिरेन दोशी ने कहा कि विद्या यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आईबीएम के साथ इंटीग्रेटेड सर्टिफिकेट कोर्स और प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों, व्यावहारिक ज्ञान एवं उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को जॉब-रेडी बनाने तथा उनके ज्ञान एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए भविष्य में भी प्रतिष्ठित उद्योग एवं तकनीकी संस्थानों के साथ ऐसे शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देता रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि आईबीएम के साथ हुये समझौते से विद्या यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन, कौशल विकास, अतिरिक्त क्रेडिट, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र, इंडस्ट्री एक्सपोजर एवं रोजगारपरक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

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