नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विजय प्रेमी शब्द वंशी: देश के सुप्रसिद्ध अंतर राष्ट्रीय कवि डॉक्टर हरिओम पवार के विशेष आमंत्रण पर उनके मेरठ कॉलेज निवास पर एक बेहद आत्मीय मिलन प्राप्त होने का मुझे सौभाग्य मिला, मेरे लिए ये पल बड़े ही अमूल्य रहे, श्री पवार का अगाध स्नेह प्राप्त कर मैं धन्य हुआ , आपने पिछले दिनों अपने आयु के ७५ वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम अमृतोत्सव सुभारती में सम्पन्न किया था, जिसमें स्वामी राम देव, आचार्य बाल कृष्ण सहित देश के सुप्रसिद्ध कवि उपस्थित रहे थे, जिसमें मेरी भी उपस्थिति रही थी
अमृतोत्सव पर्व के सम्मान का उपहार भी उन्होंने यहां अपने घर पर मुझे भेंट किया। एक सरस बातावरण की उपस्थिति में डॉक्टर पवार ने मेरी कविता " यज्ञ ही श्रेष्ठ है पावन, मेरे मन राम का वंदन, आत्मा का यही नंदन मेरे मन राम का वंदन।। बड़े ही हर्ष और चाव के साथ सुनी ओर बड़ा ही आशीर्वाद मुझे दिया ।। साथ ही साथ एक पुस्तक डॉक्टर हरिओम पवार प्रशंसकों की दृष्टि में " मुझे अपने कर कमलों से भेंट की। घर परिवार से परिचय पाकर मेरा रोम रोम पुलकित हो उठा , अपनी एक नवीन प्रकाशाधीन पुस्तक "राम ऋषि काव्य धारा " टाइप कापी भूमिका हेतु आपको प्रदान की।

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