नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। केएमसी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में आज केएमसी रिहैबिलिटेशन सेंटर का भव्य उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्तर की हाई जंप एथलीट एवं स्वर्ण पदक विजेता ख्याति माथुर उपस्थित रहीं। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. सुनील गुप्ता, संस्थान की निर्देशिका संध्या सिसोदिया, केएमसी रिहैबिलिटेशन सेंटर की वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट व एचओडी डॉ. रजनी यादव सहित शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
रिहैबिलिटेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य मरीजों को आधुनिक, वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण एवं आवश्यकता-आधारित पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना है। सेंटर में चोट, ऑपरेशन के बाद की स्थिति, मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं, न्यूरोलॉजिकल स्थितियों, खेलों से संबंधित चोटों तथा विभिन्न शारीरिक अक्षमताओं से जूझ रहे मरीजों के लिए व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
सेंटर में फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज थेरेपी, मैनुअल थेरेपी, स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन के माध्यम से मरीजों की कार्यक्षमता एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की सहायता से प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत पुनर्वास कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
संस्थान के संस्थापक डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक क्लिनिकल परिस्थितियों में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने के लिए तैयार करना है। यह सेंटर फिजियोथेरेपी एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।
मुख्य अतिथि ख्याति माथुर ने कहा कि एक खिलाड़ी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ-साथ चोट की रोकथाम और चोट के बाद सही पुनर्वास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी को प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में खिलाड़ियों की सुरक्षित मैदान पर वापसी और शारीरिक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया और विद्यार्थियों को अनुशासन व वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सेंटर की एचओडी डॉ. रजनी यादव ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य 'बेहतर उपचार, बेहतर पुनर्वास और बेहतर जीवन' की अवधारणा को आगे बढ़ाना है। भविष्य में इसके माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर एवं विशेषज्ञ कार्यशालाएं आयोजित करने की भी योजना है।
No comments:
Post a Comment