नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से सनातन संगम न्यास और स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘मधु-हर सम्मान’ का भव्य आयोजन शीघ्र ही स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ परिसर में किया जाएगा।
जातिगत भेदभाव को कम कर समरस और सशक्त भारत बनाने की दिशा में शुरू की गई यह पहल अब लोगों के बीच व्यापक समर्थन प्राप्त कर रही है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसमें देशभर के प्रेरणादायी परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान के लिए ऐसे दंपतियों से नामांकन आमंत्रित किए गए हैं, जिन्होंने अपने पुत्र या पुत्री का सवर्ण और अनुसूचित वर्ग के बीच अंतर्जातीय विवाह कराकर सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा दिया है। बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं और समाज के विभिन्न वर्गों ने इस अभियान का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य ऐसे दम्पत्तियों का पता चलेगा तो उन्हें भी इस सम्मान समारोह में सम्मिलित किया आएगा।
‘मधु-हर सम्मान’ की स्थापना सनातन संगम न्यास के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने की है। ‘मधु-हर सम्मान’ का आधार भारतीय इतिहास की एक प्रेरक घटना है। सन् 1156 में कर्नाटक के कल्याण राज्य में सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए ब्राह्मण वर्ण के मधुवरस और मोची समाज के हरलय्या ने अपने बच्चों का ऐतिहासिक अंतर्जातीय विवाह कराया था। कट्टर विरोध के बावजूद उन्होंने सामाजिक समानता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्हीं अमर समाज सुधारकों की स्मृति और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह सम्मान शुरू किया गया है।
सनातन संगम न्यास का मानना है कि अंतर्जातीय विवाह सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। जो परिवार सामाजिक रूढ़ियों से ऊपर उठकर समानता, सम्मान और मानवीय मूल्यों को अपनाते हैं और दोनों परिवारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करते हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ‘मधु-हर सम्मान’ के माध्यम से ऐसे परिवारों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी, समाज सेवक एवं सनातन संगम न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा, “भारत की असली ताकत उसकी सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना में है। ‘मधु-हर सम्मान’ केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और समानता, सद्भाव तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का अभियान है। हमारा उद्देश्य उन परिवारों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने व्यवहार से सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।”
वहीं दूसरी ओर सनातन संगम न्यास, मेरठ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप राघव ने कहा, “‘मधु-हर सम्मान’ नई पीढ़ी तक समानता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। हमें खुशी है कि समाज के सभी वर्गों से इस अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। मेरठ में होने वाला यह आयोजन सामाजिक समरसता के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी और यादगार कार्यक्रम साबित होगा।”
इस अवसर पर सनातन संगम न्यास के संयोजक अनिल अज्ञात एवं सेक्रेटरी मनीष पाठक, कोषाध्यक्ष पराग गुप्ता तथा प्रभारी विवेक सोम ने समाज के सभी वर्गों से इस जन-जागरूकता अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि सामाजिक समरसता ही सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र आयोजित होने वाला ‘मधु-हर सम्मान’ का भव्य समारोह सामाजिक समरसता की नई मिसाल बनेगा और समानता, सामाजिक सौहार्द तथा राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करेगा।
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