मोहम्मद असलम
नित्य संदेश, मवाना। न्यायिक दंडाधिकारी मवाना प्रशांत मौर्य ने 22 वर्ष पुराने मारपीट के मुकदमे में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने एक अभियुक्त को एक वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक अभियोजन अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता एवं योगेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि वादी जब्बार पुत्र कबूल निवासी मवाना ने 4 जुलाई 2003 को थाना मवाना में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त नूर निशा, अलीशेर और मुस्तकीम ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
22 साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत मौर्य की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए अभियुक्त मुस्तकीम को 1 वर्ष के कारावास व 2000 रुपये जुर्माने, अभियुक्त अलीशेर को 6 माह के कारावास व 1000 रुपये जुर्माने तथा अभियुक्ता नूर निशा को 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी कोर्ट मोहर्रिर रामरतन और थाना मवाना के पैरोकार नितिन शर्मा द्वारा की गई।
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