विक्रम-1 रॉकेट की लॉन्चिंग सफल, PM मोदी ने दी बधाई, अमेरिका और चीन के क्लब में शामिल हुआ भारत
नित्य संदेश एजेंसी
नई दिल्ली। भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के इतिहास में शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा. हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल ‘विक्रम-1’ को स्पेस में सफलतावपूर्वक लॉन्च कर दिया. विक्रम-1 ने 450 किलोमीटर दूर पृथ्वी की निचली कक्षा में पेलोड को सफलतापूर्वक स्थापित किया है. इसे मिशन ‘आगमन’ का नाम दिया गया था. विक्रम-1 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) के प्रथम लॉन्च पैड से किया गया.
यह पहली बार है जब कोई भारतीय निजी कंपनी अपने स्वयं के विकसित ऑर्बिटल रॉकेट के जरिए उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया. अमेरिका और चीन के बाद भारत अब तीसरा देश बन गया है, जहां प्राइवेट एयरोस्पेस कंपनी ने रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर विकसित 24 मीटर लंबे विक्रम-1 रॉकेट को पूरी तरह हल्के कार्बन कॉम्पोजिट ढांचे से तैयार किया गया है. यह तीन सॉलिड फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से ऑपरेट हुआ. इसकी क्षमता लगभग 350 किलोग्राम तक के पेलोड को 450 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने की है. इस मिशन में बेंगलुरु की कंपनी कॉसमॉस डायमंड्स द्वारा लैब में तैयार किया गया ‘डायमंड लोटस’ भी पेलोड के रूप में भेजा गया. यह मिशन स्काईरूट के वर्ष 2022 में सफल ‘विक्रम-S’ सब-ऑर्बिटल मिशन ‘प्रारंभ’ के बाद अगला बड़ा कदम था. उस मिशन के साथ स्काईरूट भारत की पहली निजी कंपनी बनी थी, जिसने सफलतापूर्वक रॉकेट लॉन्च किया था. अब ‘आगमन’ मिशन के माध्यम से कंपनी ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल की तकनीकों का परीक्षण किया, जिससे भविष्य में कमर्शियल स्पेस लॉन्चिंग का रास्ता खुलेगा।

No comments:
Post a Comment