नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। शहर में सोमवार दोपहर मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज गर्मी के बीच आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। शहर के कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। वार्ड क्रमांक 20 खातीपुरा सरकारी स्कूल के पास बिजली का खंबा एवं पेड़ कार पर गिरा, वहीं राजबाडे पर आँधी तुफान ने बाईक को चपेट में लिया। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली। कनाड़िया क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण बवंडर भी देखने को मिला, जिससे आसपास धूल का गुबार उठ गया। मई के आखिरी दिन इंदौर में गर्मी पड़ी नरम
वहीं इस बार नौतपा के अंतिम दिनों में गर्मी के तेवर काफी नरम रहे। मई के आखिरी दिन रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। यह पूरे मई महीने का सबसे कम तापमान भी है।
हालांकि दिनभर उमस का असर बना रहा, लेकिन तीखी गर्मी से लोगों को राहत मिली। वहीं रात का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा।
मई में 20 दिन पारा 40 डिग्री के पार
मई की शुरुआत 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई थी। पूरे महीने तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा।
माह के दौरान 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौतपा के शुरुआती दिनों में तेज गर्मी का असर देखने को मिला, लेकिन महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज बदल गया और तापमान में गिरावट आने लगी।
हालांकि गर्मी कम रही, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से उमस ने लोगों को परेशान किया। वर्तमान में भी वातावरण में नमी के कारण उमस महसूस की जा रही है।
जून में आमतौर पर कम हो जाती है गर्मी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले सात वर्षों में जून माह के दौरान इंदौर में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था।
जून में मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलती है और सामान्यतः मासिक वर्षा कोटेका लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने में दर्ज हो जाता है। पिछले वर्ष जून में इंदौर में करीब साढ़े पांच इंच बारिश हुई थी।
इंदौर में जून महीने के मौसम से जुड़े कई रिकॉर्ड भी दर्ज हैं
साल 1980 में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई थी। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग 5 इंच बारिश हुई थी, जो एक रिकॉर्ड है।
तापमान की बात करें तो 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
प्रदेशभर में बदला मौसम का मिजाज
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से आंधी और बारिश की गतिविधियों के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सतना सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि इंदौर और आसपास के इलाकों में भी दिन के तापमान में कमी देखने को मिली।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी आंधी, बादल और हल्की बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।





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