नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। हाल ही में कुछ मीडिया माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह भ्रामक एवं तथ्यहीन प्रचार किया जा रहा है कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा महावीर यूनिवर्सिटी अथवा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज से संबंधित परिसरों पर छापेमारी की गई है। यह दावा पूर्णतः असत्य, निराधार एवं वास्तविक तथ्यों के विपरीत है।
महावीर यूनिवर्सिटी अथवा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज से संबंधित किसी भी परिसर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कोई छापेमारी नहीं की गई है, ना कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। जानकारों का कहना है कि जब भी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा किसी संस्थान, परिसर अथवा प्रतिष्ठान पर छापेमारी अथवा महत्वपूर्ण कार्रवाई की जाती है, तब स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को आवश्यक स्तर पर इसकी जानकारी रहती है तथा प्रशासनिक अभिलेखों में भी उसका उल्लेख होता है। वर्तमान मामले में महावीर यूनिवर्सिटी अथवा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज से संबंधित किसी भी परिसर पर ऐसी किसी छापेमारी की पुष्टि स्थानीय प्रशासनिक अथवा पुलिस स्तर पर नहीं हुई है।
इसी प्रकार, महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रकरणों को भी महावीर यूनिवर्सिटी एवं एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि धर्मेंद्र भारद्वाज का महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रबंधन अथवा संचालन में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
अतः बिना किसी तथ्यात्मक आधार के एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज का नाम उक्त प्रकरणों से जोड़ना न केवल भ्रामक है, बल्कि वास्तविक तथ्यों के भी विपरीत है। इस प्रकार की अपुष्ट एवं भ्रम फैलाने वाली खबरें जनमानस को गुमराह करने का कार्य करती हैं।
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