जिला कारागार मेरठ में महिला बंदियों के लिए कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता कार्यशाला का आयोजन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा जिला कारागार, मेरठ में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता विषय पर कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला बंदियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ने की दिशा में सशक्त पहल करना है। यह सामुदायिक सामाजिक उत्तरदायित्व (Community Social Responsibility) की पहल विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय समाज के विभिन्न वर्गों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर जनहितकारी कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
कार्यशाला का संचालन एवं कौशल विकास कार्यक्रम का संयोजन प्रो. बिंदु शर्मा एवं डॉ. वैशाली पाटिल द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला के अंतर्गत मेघा गुप्ता ने महिला बंदियों को हर्बल साबुन एवं हर्बल शैंपू बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने हर्बल उत्पादों के महत्व, उनके स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति लाभ तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान महिला बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उत्पाद निर्माण की तकनीकों को सीखा।
इस अवसर पर डॉ. अंजू मलिक, उप कारापाल गीतिका भारद्वाज भारद्वाज एवं प्रियंका चौधरी, सुमन यादव उपस्थित रहीं। सभी ने महिला बंदियों के पुनर्वास, आत्मविश्वास के विकास एवं आत्मनिर्भरता के लिए ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों की उपयोगिता पर बल देते हुए महिला अध्ययन केंद्र के इस प्रयास की सराहना की। इस प्रकार के प्रशिक्षण महिला बंदियों को भविष्य में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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