नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करने और गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए 'गन्ना कृषक सम्मान योजना' की शुरुआत की है। वर्ष 2026-27 से लागू होने वाली इस योजना के तहत प्रदेश की सभी गन्ना समितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को नकद पुरस्कार, शॉल, स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गन्ना खेती को अधिक लाभकारी, गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट गन्ना उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन एवं वितरण, प्राकृतिक एवं विषमुक्त खेती को बढ़ावा देने तथा चीनी मिलों को सर्वाधिक गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को क्रमशः 10 हजार, 7,500 और 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। विजेताओं को गन्ना समिति की सामान्य निकाय बैठक में सम्मानित किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 30 सितंबर तक संबंधित गन्ना समिति कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना होगा। हालांकि सर्वाधिक गन्ना आपूर्ति श्रेणी में किसानों को आवेदन या शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस श्रेणी में चीनी मिल को सबसे अधिक गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान का स्वतः चयन किया जाएगा।
चार श्रेणियों में होगा किसानों का चयन
योजना के तहत किसानों का चयन चार अलग-अलग श्रेणियों में किया जाएगा। पहली श्रेणी में पेड़ी गन्ना उत्पादकता का मूल्यांकन क्रॉप कटिंग के आधार पर होगा। दूसरी श्रेणी में गुणवत्तापूर्ण बीज गन्ने के उत्पादन एवं वितरण को आधार बनाया जाएगा। तीसरी श्रेणी में प्राकृतिक और जैविक पद्धति से विषमुक्त गन्ना खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि चौथी श्रेणी में चीनी मिलों को सर्वाधिक गन्ना उपलब्ध कराने वाले किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
गन्ना खेती को मिलेगा नया प्रोत्साहन
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस योजना से गन्ना उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन एवं वितरण, प्राकृतिक खेती और चीनी मिलों को समय पर गन्ना आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मान मिलने से अन्य किसान भी आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
ये कहना है मेरठ परिक्षेत्र का
मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान का संबंधित गन्ना समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदक नियमित गन्ना आपूर्तिकर्ता होना चाहिए, समिति पर किसी प्रकार का बकाया नहीं होना चाहिए और अतिरिक्त गन्ना आपूर्ति शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप की गई हो। सभी आवेदनों का मूल्यांकन तय मानकों के आधार पर किया जाएगा।

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