नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जैसे-जैसे भारत एआई अडॉप्शन और डेटा सेंटर हब के तौर पर तेज़ी से एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जीडीपी में 31 प्रतिशत से अधिक योगदान देने वाला एमएसएमई सेक्टर भी इसे तेज़ी से अपना रहा है। वी बिज़नेस एमएसमएई ग्रोथ इनसाइट्स स्टडी 2026 के ताज़ा एडिशन में पाया गया कि सर्वे में शामिल 57 फीसदी बिज़नेस एआई को एक मुख्य टूल मानते हैं जो बिज़नेस की ग्रोथ को बढ़ा सकता है, और 25 फीसदी बिज़नेस पहले ही अपने कामकाज और ऑपरेशनल वर्कफ़्लो में एआई को शामिल कर चुके हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के चीफ एंटरप्राइज बिजनेस ऑफिसर एम पी सुनील कुमार ने कहा, भारत के एमएसएमई बुनियादी डिजिटलीकरण से आगे बढ़कर बुद्धिमान, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार उद्यम बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। एआइ का बढ़ता अडॉप्शन, डिजिटल परिपक्वता के बढ़ते स्तर और कार्यस्थल तथा परिचालन तकनीकों में बढ़ता निवेश एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है। वैश्विक टेक दिग्गजों के साथ सहयोग करके वी बिज़नेस क्लाउड, सुरक्षा, संचार और अन्य उद्यम समाधानों में समाधान प्रदान करने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है, जिससे मापने योग्य और प्रभावशाली परिणाम मिल रहे हैं। वित्तीय तैयारी के द्वारा हमारा लक्ष्य एक समावेशी इकोसिस्टम ब्लूप्रिंट प्रदान करना है जो छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को सुरक्षित करने और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में स्थायी रूप से विस्तार करने में मदद करे।
यह वी बिज़नेस के रैडी फॉर नेक्स्ट प्लेटफ़ॉर्म से मिली जानकारियों पर आधारित है - जो छोटे और मध्यम बिज़नेस के लिए भारत की सबसे बड़ी डिजिटल एडवाइज़री है और जिसने 16 सेक्टरों में 2.5 लाख से अधिक एमएसएमई के साथ काम किया है। इस साल, डिजिटल मैच्योरिटी इंडेक्स बढ़कर 60.8 हो गया, जो 2025 में 58.0 और 2023 में 55.9 था। स्टडी में तीन ऐसे टेक्नोलॉजी फैक्टर्स की भी पहचान की गई है जो एमएसएमई के विस्तार के अगले चरण को आकार देंगे। इनमें शामिल हैं- प्रोडक्टिविटी और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने के लिए एआई, बड़े पैमाने पर ऑपरेशन्स को सक्षम करने के लिए एसएएएस-आधारित वर्कप्लेस सहयोग, और भरोसा, मज़बूती और बिज़नेस की निरंतरता बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा।
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