रहवासी बोले- अतिक्रमण नहीं, हमारा घर था; 10 फीट की जगह 15 फीट तोड़ दिया
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर छावनी क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद अब बरसों पुराने घरों और दुकानों के टूटने का दर्द लोगों की जुबान पर आने लगा है। रहवासियों और व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पीढ़ियों से बसे परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी गई। कई परिवारों के घर टूट चुके हैं, कारोबार ठप्प हो गए हैं और अब लोग प्रशासन से कम से कम उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
रहवासियों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय और विकल्प दिए बिना ही कार्रवाई कर दी गई। लोगों का कहना है कि जिन मकानों को अतिक्रमण बताकर तोड़ा गया, वे वैध और वर्षों पुराने थे।
100 साल पुराना घर टूट गया....
रहवासियों ने बताया कि उनका घर 100 साल से भी अधिक पुराना था। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने आगे का हिस्सा खुद हटाया, लेकिन पुराना और कच्चा निर्माण होने से पूरा मकान ही गिर गया।
उन्होंने कहा कि यहां जिन मकानों पर कार्रवाई हुई, वे अवैध नहीं थे। सभी के पास रजिस्ट्री और दस्तावेज मौजूद हैं। सड़क निर्माण के लिए लोगों से जमीन ली जा रही है, लेकिन मुआवजा नहीं दिया जा रहा। यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई बेहद जल्दबाजी में की गई। एक दिन पहले नोटिस दिया गया और अगले दिन सुबह ही तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। क्षेत्र में बुजुर्ग, बच्चे और परिवार रहते हैं, ऐसे में लोगों को सामान तक निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
अंदर तक तोड़ दिया मकान दुकान...
व्यापारियो ने बताया कि उनके 100 साल पुराने मकान पर पहले 10 फीट तक तोड़ने के निशान लगाए गए थे। उन्होंने खुद मजदूर लगाकर निर्माण हटाने की बात कही, लेकिन प्रशासनिक अमले ने मजदूरों को नीचे उतार दिया और मशीनों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप है कि तय सीमा से अधिक हिस्सा तोड़ दिया गया, जिससे पीछे का निर्माण भी क्षतिग्रस्त हो गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरी जगह सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहित की जाती है तो मुआवजा दिया जाता है, फिर यहां लोगों को उसका अधिकार क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वे नगर निगम के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को भी प्रभावित लोगों का साथ देना चाहिए।.... मकान टूटने के बाद चोरी की घटनाएं बढ़ी
प्रभावित व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। उनके मकान के ताले टूट गए और गैस सिलेंडर, वेल्डिंग कटर सहित अन्य सामान चोरी हो गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अन्य जगहों पर भी चोरी की घटनाएं हुई हैं। लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद खाली पड़े मकानों और दुकानों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए थी।
तय सीमा से ज्यादा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ....
सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनके मकान का भी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। उन्होंने कहा कि 80 फीट मास्टर प्लान के तहत कार्रवाई की गई थी और सीमित हिस्से को हटाने की बात कही गई थी, लेकिन अपेक्षा से अधिक निर्माण तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि अब भी क्षेत्र में मलबा पड़ा है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि मलबा कब तक हटेगा और नुकसान का आकलन कैसे होगा। एक-दो दिन में मलबा साफ हो जाएगा।
मलबा हटाने का काम कर रही ठेका कंपनी के कर्मचारी हिमांशु मिश्रा ने बताया कि छावनी चौराहे से जगन्नाथ धर्मशाला तक अधिकांश मलबा हटाया जा चुका है। कुछ स्थानों पर लोगों का सामान होने के कारण काम धीमा हुआ, लेकिन अब तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि दो-तीन जेसीबी और कई मजदूर लगातार काम कर रहे हैं तथा एक-दो दिन में रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।




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