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Sunday, May 31, 2026

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सुभारती की पहल, ई-वेस्ट प्रबंधन पर जागरूक हुए विद्यार्थी



नित्य संदेश ब्यूरो 


मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के खारवेल सुभारती कॉलेज ऑफ फार्मेसी की पर्यावरण समिति तथा एस.एस. सत्यमूर्ति सुभारती पॉलिटेक्निक कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में “ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेषज्ञ व्याख्यान” विषयक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) की बढ़ती समस्या, उसके दुष्प्रभावों तथा उसके वैज्ञानिक एवं सुरक्षित प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना था।


कार्यक्रम का शुभारंभ खारवेल सुभारती कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डीन एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सोकेन्द्र कुमार द्वारा अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ ई-वेस्ट की मात्रा तेजी से बढ़ रही है, जिसके प्रभावी प्रबंधन के बिना सतत विकास की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) मुकेश रुहेला ने ई-वेस्ट प्रबंधन विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुचित निपटान से उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैटरियों तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप ई-वेस्ट की मात्रा भी चिंताजनक स्तर तक पहुंच रही है।


उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट में मौजूद कई हानिकारक रसायन एवं धातुएं मिट्टी, जल और वायु को प्रदूषित कर मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। इसलिए इसका वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण अत्यंत आवश्यक है। अपने व्याख्यान के दौरान प्रो. (डॉ.) रुहेला ने ई-वेस्ट प्रबंधन के विभिन्न आयामों जैसे कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण प्रक्रियाएं, संसाधनों का पुनः उपयोग, सतत उपभोग की आदतों तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में जिम्मेदार उपभोक्ता बनने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।


व्याख्यान के उपरांत आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने ई-वेस्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। मुख्य वक्ता ने सभी प्रश्नों का सरल, व्यावहारिक एवं प्रभावी ढंग से उत्तर देकर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र ने विषय के प्रति उनकी समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाया। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को न केवल ई-वेस्ट प्रबंधन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता और सतत विकास के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी बोध कराया। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।


अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजकों ने मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) मुकेश रुहेला के बहुमूल्य विचारों एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों से पर्यावरण संरक्षण एवं जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।

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