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Thursday, May 28, 2026

एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों पर आयोजित किया दो-दिवसीय मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान

नित्य संदेश ब्यूरो

गाजियाबाद। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर, एनसीआरटीसी ने 27 और 28 मई को महिला यात्रियों के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सराय काले खां और बेगमपुल नमो भारत स्टेशनों पर दो-दिवसीय जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर संवाद को प्रोत्साहित करना तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।


यह जागरूकता अभियान दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के ऑपरेशन्स एवं मेंटेनेंस पार्टनर डीबी आरआरटीएस इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया। इस पहल के अंतर्गत स्टेशनों पर तथा नमो भारत ट्रेनों के महिला कोच के भीतर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं। स्टेशनों पर यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में सूचना डेस्क और जागरूकता कियोस्क स्थापित किए गए, जहाँ महिला वॉलंटियर्स ने यात्रियों से संवाद कर मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान महिला यात्रियों को नि:शुल्क सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर और आवश्यक हाइजीन किट भी वितरित की गईं। अधिक से अधिक यात्रियों को इस अभियान से जोड़ने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों स्टेशनों पर इंटरैक्टिव एक्टिविटी ज़ोन और थीम-आधारित फोटो बूथ लगाए गए। वॉलंटियर्स ने महिला कोच के भीतर यात्रियों से बातचीत कर उन्हें मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक भी किया। इस पहल के माध्यम से एक ऐसा सुरक्षित और सहज वातावरण निर्मित हुआ, जहाँ यात्री इस विषय पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित हुए।


महिला यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया और उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। उन्होंने स्टेशनों और ट्रेनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों पर संवाद शुरू करने के इस प्रयास की सराहना की। कई यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान इस विषय से जुड़ी चर्चाओं को सामान्य बनाने के साथ-साथ दैनिक यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक सुलभ बनाने में सहायक हैं। मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है, लेकिन सामाजिक वर्जनाएँ और झिझक अक्सर इस विषय पर खुलकर बातचीत करने में संकोच उत्पन्न करती हैं। सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर इस प्रकार की पहल आयोजित कर, एनसीआरटीसी का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना तथा इस विषय से जुड़े मुद्दों और चिंताओं पर सहज एवं समावेशी वातावरण में संवाद को प्रोत्साहित करना है।


इस वर्ष के आरंभ में, एनसीआरटीसी ने ‘आकांक्षाओं के पंख’ नाम से जेंडर सेंसिटाइजेशन कैंपेन की शुरुआत भी की, जिसका उद्देश्य समावेशिता तथा लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, महिला यात्रियों की चुनौतियों को समझना तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में आम नागरिकों की भूमिका को रेखांकित करना है। आगामी पाँच वर्षों तक चलाए जाने वाले इस अभियान के माध्यम से केवल व्यवस्थाओं को ही नहीं, बल्कि सोच और दृष्टिकोण को बदलने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। एनसीआरटीसी का मानना है कि जागरूकता, सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी के माध्यम से ही वास्तव में एक सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन वातावरण का निर्माण संभव है। यह पहल नमो भारत नेटवर्क की प्रत्येक यात्रा को सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक बनाने के प्रति एनसीआरटीसी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।


एनसीआरटीसी, नमो भारत कॉरिडोर पर बेहतर यात्री सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर विभिन्न पहल करता रहता है। तेज़, विश्वसनीय और आरामदायक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ-साथ, नमो भारत स्टेशनों और ट्रेनों को ऐसे समावेशी एवं संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सामुदायिक जुड़ाव और सामाजिक जागरूकता को सकारात्मक रूप से बढ़ावा दें।

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