नित्य संदेश ब्यूरो
बुलंदशहर। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ग्राहकों को साईबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के प्रति सुरक्षा प्रदान करने के अपने प्रयासों में लगातार तेजी ला रहा है। कंपनी जागरुकता बढ़ाने, धोखाधड़ी की रोकथाम करने और अंतिम छोर तक जाकर लोगों को सुरक्षित रहने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की डिजिटल बैंकिंग क्रांति ने लाखों लोगों तक वित्तीय पहुंच का विस्तार किया है, लेकिन साथ ही इसने साइबर अपराधियों के लिए नए रास्ते भी खोल दिए हैं। धोखाधड़ी के तरीके विकसित होते जा रहे हैं और खासकर पहली बार बैंकिंग कर रहे एवं ग्रामीण लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं, ऐसे में सक्रिय जागरूकता और जिम्मेदार बैंकिंग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ग्राहक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करके डिजिटल बैंकिंग के वातावरण में उभरते हुए जोखिमों की रोकथाम को लगातार पुख्ता कर रहा है।
गणेश अनंतनारायण, एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर - बिज़नेस ऑपरेशंस, एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने कहा, ‘‘यूपीआई पर डिजिटल भुगतान का मासिक आंकड़ा 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने के साथ, हमारी जिम्मेदारी का दायरा बहुत बढ़ गया है। भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल एडॉप्शन के साथ हमारी जिम्मेदारी है कि यह वृद्धि विश्वास, जागरुकता और जवाबदेही की बुनियाद पर हो। हम शिक्षा, एजेंट की क्षमता और सिस्टम-लेवल की सुरक्षा में लगातार निवेश कर रहे हैं क्योंकि हमारा मानना है कि ग्राहकों को शिक्षित बनाने की प्रक्रिया धोखधड़ी होने से काफी पहले ही शुरू हो जानी चाहिए। हम अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे और फाईनेंशियल सिस्टम की अखंडता को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी गलत काम कि खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे।’’ एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने अपने डिजिटल इंटरफेस से लेकर ऑन-ग्राउंड इंगेजमेंट तक, हर टचपॉईंट में ग्राहकों की सुरक्षा और जागरुकता को शामिल कर लिया है। बैंक सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जागरुकता के अभियान चलाता है। यूज़र्स को सरल और जानकारीवर्धक सामग्री द्वारा साईबर फ्रॉड की भाषा को पहचानने में मदद करता है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक को मालूम है कि उनके ग्राहक अपनी मातृभाषा में जानकारी पाना और समझना चाहते हैं, इसलिए बैंक ने क्षेत्रीय भाषा में संदेश देकर जागरुकता बढ़ाना शुरू किया है, ताकि धोखाधड़ी की रोकथाम का मार्गदर्शन यूज़र्स उसी भाषा में प्राप्त कर सकें, जिसे वो सबसे अच्छी तरह समझते हैं।
डिजिटल चैनलों के अलावा, एयरटेल पेमेंट्स बैंक के फाईनेंशियल लिटरेसी कैंप सुरक्षा संबंधी जानकारी सीधे समुदायों के बीच पहुँचकर प्रदान करते हैं, तथा उन्हें संदिग्ध गतिविधि को पहचानना सिखाते हैं। इन कैंप्स में यूज़र्स को बताया जाता है कि उन्हें अपने व्यक्तिगत और फाईनेंशल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या ठोस उपाय करने चाहिए। यह केवल एक बार आयोजित होने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर स्थिर रूप से चलने वाला है। इन कैंप्स का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्थायी रूप से वित्तीय जागरुकता बढ़ाना है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक का लास्ट-माईल सेफ्टी फ्रेमवर्क इसके पाँच लाख से अधिक बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (बी.सी) के नेटवर्क पर आधारित है। बैंक ने ऑनबोर्डिंग के लिए एक मजबूत प्रक्रिया स्थापित की है। जिसके साथ-साथ बीसी को नियमित रूप से धोखाधड़ी रोकथाम संबंधी जानकारी दी जाती है ताकि वे अच्छी तरह से अवगत रहें। यह निरंतर जुड़ाव उन्हें ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करने में सक्षम बनाता है।
साथ ही, बैंक अपनी इंटर्नल मॉनिटरिंग और कंट्रोल मैकेनिज़्म को लगातार मजबूत बना रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करके तुरंत इसके ईकोसिस्टम की सुरक्षा की जा सके। बैंक अपने बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट एजेंट्स और फील्ड एजेंट्स की सख्त निगरानी करता है और यदि कोई अनुपालन की उल्लंघन, या फिर एकाउंट से छेड़छाड़ देखी जाती है, तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाती है। बैंक रैगुलेटरी अथॉरिटीज़ के साथ भी मिलकर काम करती है और इस तरह के मामलों में प्रभावशाली कार्रवाई करता है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाती है, ताकि ग्राहकों का विश्वास सुरक्षित रहे और बैंकिंग के एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण हो।
भारत में डिजिटल बैंकिंग बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण लाखों लोगों को फाईनेंशियल उपलब्धता प्राप्त हुई है। लेकिन इसके साथ ही साईबरअपराधियों के लिए अपराध के नए रास्ते खुले हैं। धोखाधड़ी के तरीके और अधिक पेचीदा होते जा रहे हैं। इसलिए जागरुकता और जवाबदेह बैंकिंग की जरूरत काफी अधिक बढ़ गई है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक इस चुनौती को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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