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Tuesday, May 12, 2026

जनगणना 2026 को लेकर शाह वलीउल्लाह इस्लामिक एकेडमी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सुहैल खान

नित्य संदेश, मुजफ्फरनगर। शहर की प्रसिद्ध शाह वलीउल्लाह इस्लामिक एकेडमी द्वारा शैक्षिक एवं सामाजिक सेवाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय और धार्मिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाई जाती रही है। इसी क्रम में जनगणना 2026 के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील विषय को लेकर एकेडमी हॉल में धार्मिक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई।


बैठक की अध्यक्षता एकेडमी के संस्थापक कारी मोहम्मद खालिद बशीर कासमी ने की। उन्होंने कहा कि जनगणना अभियान देश की व्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे सरकार प्रत्येक दस वर्ष में बड़े स्तर पर संचालित करती है। कोरोना महामारी के कारण इस बार जनगणना अभियान निर्धारित समय से विलंब से प्रारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं क्षेत्रीय विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं तथा विभिन्न समुदायों की शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है। उन्होंने जनगणना को देश की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि विशेष रूप से अल्पसंख्यकों एवं पिछड़े वर्गों के लिए सही जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के सही एवं पूर्ण उत्तर दें।


बैठक का संचालन प्रसिद्ध कानूनविद महबूब आलम अंसारी ने किया। उन्होंने जनगणना अभियान 2026-27 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्र भारत की यह आठवीं तथा देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना एवं उससे संबंधित विवरण एकत्र किए जाएंगे। दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से प्रारंभ होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना एवं व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी।


उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दोनों चरणों में किसी प्रकार के दस्तावेज अथवा प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी और केवल मौखिक जानकारी ही प्राप्त की जाएगी। इसलिए सभी नागरिक अपनी सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। बैठक में जनगणना जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया तथा सामाजिक संगठनों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही मस्जिदों के इमामों से अपील की गई कि वे अपने बयानों के माध्यम से आमजन को जनगणना के प्रति जागरूक करें। इस अवसर पर हकीम मुफ्ती अब्दुल सत्तार कासमी, मोहम्मद दानिश, अख्तर खान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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