नित्य संदेश
साल दर साल बॉलीवुड में सैंकड़ों फ़िल्में रिलीज़ होती हैं जिसमें कुछ तो छप्पर फाड़ कमाई कर प्रोड्यूसर, डिस्ट्रीब्यूटर को मालामाल कर देती हैं और कुछ अपने निर्माण की लागत भी नहीं निकाल पाती, हालांकि अधिकांश फिल्मों का इन्श्योरेंस होता है जिसके माध्यम से वो अपने नुकसान की कुछ हद तक भरपाई कर लेती है, वर्ष 2025 जिस तरह आदित्य धर की धुरंधर के तूफ़ान के साथ ख़त्म हुआ था वैसी ही बॉक्स ऑफिस तबाही की उम्मीद वर्ष 2026 की शुरुआत से भी की जा रही थी.... इस साल की पहली बड़ी फ़िल्म प्रभास की द राजा साब थी, जिसकी रिलीज़ कई बार टली, लेकिन जब रिलीज़ हुई तो डब्बा गोल साबित हुई , उसके बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयी बॉर्डर 2 ने आशानुरूप बिज़नेस तो किया लेकिन कल्ट क्लासिक बॉर्डर की ब्लॉकबस्टर सफलता नहीं दोहरा सकी, हालांकि हम बॉर्डर 2 को इस साल की पहली हिट कह सकते हैं, फ़रवरी में निर्देशक विशाल भारद्वाज की ओ रोमियो से ट्रेड एक्सपर्ट को उम्मीदें थी लेकिन अच्छे गीत संगीत के बावजूद फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, ये बात ज़रूर है कि ओ रोमियो विशाल की बनायी फिल्मों में अच्छी कही जा सकती है... इसी माह तमाम विवादों के बावजूद सिनेमा में आयी द केरला स्टोरी 2 को अच्छा प्रतिसाद मिला, लव जिहाद के मुद्दे को ख़ूब भुनाया गया और बॉक्स ऑफिस की कमाई को बढ़ाया गया, फ़िल्म हिट रही... लेकिन यह सब तूफ़ान के पहले का सन्नाटा था, असली बम तो अभी फूटना बाकी था, ईद वीकेंड पर सोलो रिलीज़ धुरंधर -द रिवेंज ( धुरंधर 2) ने बॉक्स ऑफिस पर वो गदर काटा जिसकी उम्मीद तो की गई थी परन्तु यहाँ उम्मीद से सौ गुना बेहतर प्रदर्शन ने इसे साल की पहली छमाही की हिस्टोरिक ब्लॉकबस्टर बना दिया और शायद यह साल की सबसे बड़ी फ़िल्म बनकर ही रहे क्योंकि इस लेवल की सफलता आगे के छमाह में कोई फ़िल्म दोहरा सके, यह नामुमकिन तो नहीं लेकिन मुश्किल ज़रूर लग रहा, अप्रैल में आयी भूत बंगला ने अच्छा बिज़नेस किया लेकिन भूल भूलेया वाली सफलता अभी अक्षय और प्रियदर्शन के नसीब में नहीं..
अदिवी शेष एवं मृणाल ठाकुर की डकैत भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल सकी... हालांकि समय समय पर आयी हॉलीवुड फिल्मों का क्रेज़ दर्शकों में बना रहा..
मई महीने में रिलीज़ हुई पति पत्नि और वो 2 हल्की फुल्की कॉमेडी के साथ दर्शकों को थिएटर तक लाने में सफ़ल रही, संजय दत्त की आख़िरी सवाल को लिमिटेड शो मिले, फ़िल्म अच्छी है लेकिन कमाई के मामले में फुस्स पटाखा.... राजा शिवाजी से रितेश ने अच्छा कमबैक किया लेकिन हिंदी ऑडियन्स को फ़िल्म ने निराश किया. जिस फ़िल्म ने अपने शानदार कंटेंट से सभी को चौँकाया वो है निर्देशक हार्दिक गज्जर की कृष्णावतारम भाग 1- द हृदयम.... कमाल कर दिया फ़िल्म ने.... हज़ार करोड़ी कार्टूनी वीएफएक्स फिल्मों पर करारा प्रहार और तंज़ है यह फ़िल्म जिसने सिनेमाघरों को कृष्णालय बना दिया.... फ़िल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों का प्यार अब तक मिल रहा है.... कल रिलीज़ हुई धर्मा प्रोडक्शन की चाँद मेरा दिल अच्छी प्रेम कहानी होने के बावजूद सैयारा वाली ऐतिहासिक सफलता नहीं दोहरा सकेगी, हालांकि इसका गीत संगीत भी उम्दा है...
आने वाले छः माही में कुछ बड़ी फिल्मों के साथ कुछ बहुप्रतीक्षित फिल्मों के सीक्वेल भी शामिल हैं जिसमें है जवानी तो इश्क़ होना है, हांटेड 3डी -सीक्वेल, वेलकम टू द जंगल, कॉकटेल 2,आवारापन 2, लाहौर ( बंटवारा ) 1947, वन -फाॅर्स ऑफ़ फारेस्ट,धमाल 4, मैं वापस आऊंगा, किंग, मिर्ज़ापुर, बंदर, दृश्यम 3, रामायण पार्ट 1 प्रमुख हैं... अब देखना है आने वाली छमाही में धुरंधर 2 जैसा बड़ा धमाका बॉक्स ऑफिस पर हो पाता है या नहीं.... एक समीक्षक होने के नाते यही कह सकता हूँ कंटेंट ही असली किंग है....
© डॉ. वासिफ़ काज़ी , इंदौर
लेखक, व्याख्याता, फिल्म समीक्षक एवं विश्लेषक हैं
© काज़ी की क़लम



No comments:
Post a Comment