नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के केरल वर्मा सुभारती कॉलेज ऑफ साइंस द्वारा मदन मोहन मालवीय सभागार में “समन्वय: द ब्रिज ऑफ एम्पैथी” शीर्षक से एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में आपसी सम्मान, सहानुभूति और रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता की भावना को सुदृढ़ करना रहा,
इस अवसर पर लगभग 90 प्रतिभागियों—जिनमें छात्र एवं संकाय सदस्य शामिल थे—ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत संबोधन के साथ हुआ, जिसमें नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीन प्रो. (डॉ.) रविंदर कुमार जैन ने संस्थान की अनुशासनप्रियता एवं रैगिंग-मुक्त परिसर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के पालन, आपसी सम्मान एवं एकता की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया , इसके पश्चात डॉ. धीरपाल सिंह, प्रॉक्टर एवं छात्र शिकायत निवारण अधिकारी, ने छात्र शिकायत निवारण प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए रैगिंग के कानूनी परिणामों एवं इसके गंभीर प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान जागरूकता से जुड़े वीडियो भी प्रदर्शित किए गए, जिसने विषय को और प्रभावी बनाया
वही डॉ. अश्विनी कुमार, विभागाध्यक्ष (जीवन विज्ञान) एवं वेलनेस सेंटर समन्वयक, ने रैगिंग के मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सह-अस्तित्व एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण के महत्व को रेखांकित किया, कार्यक्रम का समापन “समन्वय” के मूल संदेश—आपसी सम्मान, सहानुभूति और एकता—को आत्मसात करने के आह्वान के साथ हुआ। अंत में सुश्री आंचल शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया, यह कार्यक्रम केवीएससीओएस की छात्र कल्याण, अनुशासन और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो विश्वविद्यालय के मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाता है

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