नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के भाषा विभाग, कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय द्वारा सोमवार को “सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के अनुरूप बैग्स के पुनः उपयोग” विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस आयोजन में सतत विकास लक्ष्यों—एसडीजी-11 (सस्टेनेबल सिटीज़ एंड कम्युनिटीज़), एसडीजी-12 (रिस्पॉन्सिबल कंजम्प्शन एंड प्रोडक्शन) तथा एसडीजी-13 (क्लाइमेट एक्शन)—को प्रमुख रूप से समाहित किया गया। नुक्कड़ नाटक का मंचन भूमि गुप्ता, कनिष्का गौतम, अनुष्का शर्मा एवं छवि त्यागी द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने अपने सशक्त अभिनय और संवादों के माध्यम से प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने कपड़े के पुनः उपयोग, योग्य बैग्स अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए दर्शकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ डॉ. रफत खानम, डॉ. मनीषा लूथरा, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. आशीष, डॉ. निशी सिंह, डॉ. प्रीति शर्मा, श्री अंकित, सुश्री भावना जोशी एवं सुश्री सोनी चौहान सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। साथ ही, इसने छात्रों में सामुदायिक सोच, सहभागिता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना, पुनः उपयोग योग्य बैग्स के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा छात्र गतिविधियों को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप बनाना शामिल रहा। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ और इसकी सामाजिक प्रासंगिकता एवं शैक्षणिक महत्व के लिए इसे व्यापक सराहना प्राप्त हुई।


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