नित्य संदेश एजेंसी
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर आजकल हर दूसरी रील या मीम के अंत में एक ही दृश्य दिखाई देता है। चाय का गिलास हाथ में लिए एक साधारण सा लड़का जो बेफिक्र होकर खिलखिलाकर हंस रहा है। इस अनोखी हंसी ने लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।
इंटरनेट यूजर्स इसे लाफिंग बॉय या चाय वाला हंसता लड़का के नाम से जानते हैं। लेकिन इस वायरल हंसी के पीछे छिपी है एक गरीब लड़के की संघर्ष भरी कहानी, जो आज शिक्षा की राह पर आगे बढ़ रहा है।
अरुण कुमार तेलंगाना के एक छोटे से गांव का रहने वाला है। बचपन से ही गरीबी ने उसे स्कूल की राह से दूर कर दिया। मात्र चौथी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद आर्थिक तंगी के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। स्कूल की किताबें छोड़कर अरुण को जिंदगी की सड़क पर उतरना पड़ा।
फिर एक दिन उसकी मुलाकात नेहरू नाम के एक ट्रक ड्राइवर से हुई। नेहरू ने अरुण को ट्रक पर क्लीनर की नौकरी दे दी। दोनों साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रक चलाते। लंबी यात्राओं के दौरान समय काटने के लिए नेहरू मोबाइल पर छोटी-छोटी रीलें बनाकर सोशल मीडिया पर डालने लगा।
एक दिन की बात है। हाईवे किनारे चाय पीते हुए अरुण किसी बात पर इतना जोर से हंस पड़ा कि नेहरू ने उस पल को कैमरे में कैद कर लिया। अरुण की वो दिल खोलकर वाली हंसी रातोंरात वायरल हो गई।
लोग इस हंसी को बार-बार देखने लगे। धीरे-धीरे यह क्लिप हर मीम और रील का हिस्सा बन गई। आज यह हंसी इंटरनेट पर खुशी और फन का सबसे बड़ा सिंबल मानी जा रही है।
जिस शख्स ने अरुण की हंसी को वायरल किया, उसी ने उसकी जिंदगी भी संवारी। नेहरू ने अरुण को फिर से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। गरीबी और काम के बोझ के बावजूद अरुण ने मेहनत की और इस साल मार्च में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। यह उपलब्धि न सिर्फ अरुण के लिए बल्कि उसके जैसे हजारों लड़कों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
सोर्स
जागरण. कॉम
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