पत्रकारिता विभाग ने आयोजित किया डिजिटल इंडिया पर टॉक शो, युवाओं को मिली साइबर सुरक्षा पर जानकारी
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में “डिजिटल इंडिया” विषय पर एक विशेष टॉक शो का आयोजन किया गया। गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स संयोजन में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्षों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को डिजिटल इंडिया पहल से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में अभिषेक देव ने अपार आईडी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 12 अंकों की यूनिक आईडी छात्रों के सभी शैक्षणिक दस्तावेजों को लिंक कर सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने में सहायक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में एबीसी आईडी के नाम से जानी जाने वाली इस प्रणाली का नाम बदलकर अपार आईडी किया गया है। उन्होंने छात्रों को अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया भी समझाई और बताया कि इसके माध्यम से शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहते हैं।
इसी क्रम में जय तलवार ने डीजीलॉकर के उपयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से नागरिक अपने दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से कहीं भी और कभी भी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि देश में करोड़ों लोगों ने डीजीलॉकर का उपयोग शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीलॉकर में डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और बिना अनुमति साझा नहीं किया जाता। साथ ही “एनटीटी लॉकर” फीचर की जानकारी देते हुए बताया कि स्टार्टअप एवं संगठनों के लिए इसमें 10 जीबी स्टोरेज तथा मल्टीपल यूज़र एक्सेस की सुविधा उपलब्ध है।
कार्यक्रम में बोलते हुए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सोमाओ मजूमदार ने डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रमुख लक्ष्य कॉन्फिडेंशियलिटी, इंटेग्रीटी, अवेलबेलिटी और ऑथेंटिकेशन पर चर्चा की। उन्होंने विभिन्न प्रकार के फिशिंग हमलों जैसे फिशिंग, स्पीयर फिशिंग, व्हेलिंग, वीशिंग तथा स्मीशींग के बारे में बताया और संदिग्ध लिंक से बचने के उपाय साझा किए। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर लिंक को लॉन्ग प्रेस करके उसकी सत्यता जांची जा सकती है। उन्होंने संचार साथी के माध्यम से चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने की प्रक्रिया बताई तथा साइबर स्वच्छता केंद्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा जैसे फोटो, वीडियो, मोबाइल नंबर और ईमेल आदि को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ प्रबंधक सर्वेश कुमार ने भारत सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग, डेटा सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। यह टॉक शो विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रितेश चौधरी ने कहा,“डिजिटल इंडिया के इस युग में तकनीकी जागरूकता और डेटा सुरक्षा की समझ प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अनिवार्य हो गई है। ऐसे कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धन करते हैं, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।”
इस कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए एक ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम 20 विजेताओं को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा गिफ्ट हैम्पर दिया गया। इस संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रीति सिंह ने किया। बता दें कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयोजन में साइबर सिक्योरिटी एवं डीजिटल अवेयरनेस पर लगातार इस प्रकार के जागरुकता कार्यक्रम युवाओं के लिए कराए जाते हैं। इस दौरान डॉ. रविंद्र जैन, डॉ. पिंटू मिश्रा, प्रो. अशोक त्यागी, डॉ. विधी खंडेलवाल, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. संतोष कुमार गौतम, डॉ. आशुतोष वर्मा, राम प्रकाश तिवारी, तरुण जैन आदि शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी हर्षित डागर, संजय पाल, कपिल गिल, मनीष पाल, संजय जुगरान, शुभम कौशिक, दीपक आदि व विभिन्न विभागों के सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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