नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा संकाय अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से बी.एल.एड. 8वें सेमेस्टर एवं बी.एड. 4 वें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए पाँच दिवसीय स्काउट एवं गाइड शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया।
इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीमवर्क तथा सामाजिक सेवा की भावना का विकास करना है, ताकि भावी शिक्षक व्यावहारिक अनुभव के साथ समग्र व्यक्तित्व का निर्माण कर सकें। उद्घाटन समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।
शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनोज राज ने अपने संबोधन में स्काउट एवं गाइड आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, सहयोग एवं कर्तव्यनिष्ठा का विकास करती हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को शिविर की सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उद्घाटन सत्र में डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने भी विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए स्काउटिंग एवं गाइडिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। यह शिविर डॉ. रागिनी श्रीवास्तव एवं सुश्री वैशाली सैनी के समन्वयन में आयोजित किया जा रहा है, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। शिविर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए स्काउटिंग एवं गाइडिंग के व्यावहारिक पहलुओं को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।
शिविर के पहले दिन स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षक अभिषेक माथुर ने प्रतिभागियों को स्काउट एवं गाइड आंदोलन के मूल सिद्धांतों एवं उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने टीमवर्क, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के महत्व को समझाते हुए विभिन्न प्रकार के क्लैप—स्काउट क्लैप, वेलकम क्लैप एवं थैंक यू क्लैप—का प्रदर्शन किया। बेहतर समन्वय के लिए विद्यार्थियों को पंजाब, हरियाणा एवं गुजरात समूहों में विभाजित किया गया तथा प्रत्येक समूह को एक लीडर सौंपा गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को सामाजिक जागरूकता विषयों पर चार्ट तैयार कर प्रस्तुति देने का कार्य भी दिया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास एवं संचार कौशल का विकास हो सके।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को दैनिक गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। प्रथम दिवस अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं सहभागितापूर्ण रहा, जिसने आगामी सत्रों के लिए मजबूत आधार तैयार किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. रूबी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी शिक्षकों, समन्वयकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। यह शिविर प्रतिभागियों के लिए एक समृद्ध एवं उपयोगी शिक्षण अनुभव सिद्ध होने की अपेक्षा है।
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