कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होता है और उनकी कुशलता तथा संवेदनशीलता ही मरीजों के बेहतर उपचार का आधार बनती है। उन्होंने नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी नर्सिंग अधिकारियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न नर्सिंग संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की सबसे बड़ी विशेषता पूर्ण पारदर्शिता रही। नवनियुक्त अधिकारियों ने इस पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना करते हुए इसे अपनी योग्यता की जीत बताया। 'नए उत्तर प्रदेश' में जीरो टॉलरेंस सिर्फ अपराध और अपराधियों के प्रति ही नहीं बल्कि करप्शन के लिए भी है और उत्तर प्रदेश सरकार पहले दिन से पूरी ट्रांसपेरेंसी और जीरो करप्शन के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।
नर्सिंग ऑफिसर अनामिका यादव ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप ही उन्हें यह अवसर मिला है और वे नियुक्ति पत्र पाकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं। वहीं, आकांक्षा ने कहा कि सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराई, जिससे केवल योग्य अभ्यर्थियों को ही यह अवसर प्राप्त हुआ। संध्या सिंह ने मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करने पर गर्व महसूस किया, जबकि शेरिमा सिद्दीकी ने इस पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे ईश्वर की कृपा बताया।
यह आयोजन न केवल नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक गौरवमयी क्षण था, बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ठोस कदम भी माना जा रहा है। सरकार की इस नीति से स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार होगा।






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