नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गन्ना भवन के सभागार में बुधवार को गन्ना विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी उप गन्ना आयुक्त ब्रजेश कुमार पटेल द्वारा की गई, जिसमें बसंत कालीन गन्ना बुवाई, बीज प्रबंधन, गन्ना ढुलाई, चीनी मिलों द्वारा बीज अनुरक्षण एवं बंसन्त कालीन बुवाई में बीज बदलाव तथा कृषकों को अनुदान दिए जाने, गन्ना मूल्य भुगतान तथा किसानों की सुविधाओं जैसे मूलभूत विषयों को केंद्र में रखते हुए गहन समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभारी उप गन्ना आयुक्त द्वारा कहा गया कि बसंत कालीन गन्ना बुवाई 2025-26 केवल एक कृषि गतिविधि नहीं, बल्कि आगामी पेराई सत्र की सफलता का आधार है। प्रभारी उप गन्ना आयुक्त ने निर्देश दिए कि परिक्षेत्र के अंतर्गत गन्ना क्षेत्रफल में वृद्धि को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक स्तर पर सुनियोजित प्रयास किए जाएं। विशेष रूप से उन कृषकों से संपर्क स्थापित करने पर ज़ोर दिया गया, जिन्होंने विगत वर्षों में गन्ना बुवाई कम कर दी थी, ताकि उन्हें पुनः गन्ना खेती के लिए प्रेरित किया जा सके। गन्ना बीज उपलब्धता और प्रजातीय प्रबंधन को बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय मानते हुए यह स्पष्ट किया गया कि गन्ना बीज की कमी या एक ही प्रजाति पर अत्यधिक निर्भरता से दीर्घकालीन समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। निर्देश दिए गए कि बीज उत्पादक कृषकों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ गन्ना बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
यह भी स्पष्ट किया गया कि गन्ना बीज बदलाव के अन्तर्गत गन्ना किसानों को गन्ना बीज वितरण में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मेरठ परिक्षेत्र के संभागीय विख्यापन अधिकारी, अपर सांख्यिकी अधिकारी, सहायक चीनी आयुक्त, सहित सभी जिलों के ज्येष्ठ विकास निरीक्षक, सचिव, एवं सभी मिलो के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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