-रोहटा ब्लॉक के गांव डूंगर का मामला, सड़क निर्माण के
लिए जारी हुई निविदा
नित्य संदेश ब्यूरो
रोहटा। ब्लॉक क्षेत्र के डूंगर में प्रधान द्वारा पंचायत
की जमीनों से प्रशासन के सहयोग से हटवाए गए कब्जा का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा
है। कब्जा धारक आए दिन अधिकारियों के कार्यालय में जाकर कब्जा मुक्त किए गए रास्ते
पर सड़क बनाने का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को जिला अधिकारी के आदेश पर
जिला पंचायत कार्यालय के अधिकारियों की टीम गांव डूंगर में पहुंची और मौके का मुआयना
कर जन हित में निर्णय लेने की बात कर लौट गई।
बता दे कि गांव डूंगर में ग्राम प्रधान आशा सांगवान ने
ग्राम पंचायत की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाने का अभियान चलाया हुआ है। जिसमें
गत माह ही ग्राम प्रधान ने जिला अधिकारी से शिकायत कर एक रास्ते की जमीन पर ग्रामीण
मंगल सैन ओर सुरेन्द्र द्वारा दीवार बनाकर अपने मकान की बाउंड्री में किए गए अवैध कब्जों
हटवाने की मांग की थी। प्रधान की शिकायत के बाद गत माह तहसील की टीम ने तीन थानों के
पुलिस बल के सहयोग से रास्ते से कब्जा हटवा ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया
था। उसके बाद ग्राम प्रधान ने कब्जा मुक्त किए गए रास्ते सहित डूंगर से पूठ गांव
को जाने वाले मुख्य रास्ते की हालत जर्जर होने के कारण आरसीसी से पक्का बनवाने के लिए
जिला पंचायत ओर विधायक निधि से पक्का कराने का प्रस्ताव जिला अधिकारी को दिया था।
कब्जाधारकों ने कहा-नहीं चाहिए पक्की सड़क
ग्राम प्रधान की गुहार पर दोनो रास्तों के निर्माण की
स्वीकृति भी मिल गई। टेंडर भी हो गए, जैसे ही यह जानकारी कब्जा धारकों को पता चली तो
वह इसकी शिकायत लेकर जिला अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी व विधायक गुलाम
मोहम्मद के यहां पर पहुंचे। कहा कि उन्हें वह रास्ता पक्का नहीं चाहिए। कब्जा धारकों
ने एक कोर्ट का स्टे दिखा, जन प्रतिनिधियों ओर अधिकारियों को गुमराह कर दिया। इनकी
लिखित शिकायत पर जिला अधिकारी ने एक टीम गठित कर गांव में मौके पर जाकर वस्तु स्थिति
से अवगत होने पर ही निर्माण कार्य शुरू करने की हिदायत अधिकारियों को दी।
शनिवार सुबह गांव पहुंची टीम
जिला अधिकारी के आदेश पर अधिकारियों की टीम शनिवार को
गांव डूंगर में पहुंची और ग्रामीणों को बुलाकर पूरी जानकारी ली। निर्माण की सहमति ले
मौके का मुआयना कर लौट गई। टीम का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी
प्रवेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कोर्ट के स्टे की गहनता से पूरी जानकारी करने के बाद अधिकारियों
को रिपोर्ट भेजकर जन हित में निर्णय लिया जाएगा।
ये कहना है ग्राम प्रधान का
ग्राम प्रधान आशा सांगवान का कहना कि जिन लोगों के कब्जे
से ग्राम पंचायत की जमीन कब्जा मुक्त की गई है। केवल वो लोग ही रंजिशन रास्ते के निर्माण
का विरोध कर रहे है, बाकि पूरा गांव रास्ते के निर्माण होने से एक जुट है, जो स्टे
कब्जा धारक दिखा रहे है वह खसरा संख्या 402 कृषि भूमि पर है, न कि रास्ते पर, ये अधिकारियों
को गुमराह कर रहे है, ताकि रास्ते का पक्का निर्माण न हो पाए।

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