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Sunday, January 11, 2026

कोर्ट के यथास्थिति आदेश की आड़ में भ्रम फैलाने का आरोप, पुलिस से हस्तक्षेप की मांग


तरुण आहूजा

नित्य संदेश, मेरठ। सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल एवं सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट से निष्कासित किए जा चुके पूर्व ट्रस्टी अनुज शर्मा तथा पूर्व प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर विद्यालय संचालन पर कब्ज़े का भ्रम फैला रहे हैं।

क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक गिरीश कुमार शर्मा ने बताया कि ट्रस्ट से अनुज शर्मा को 16 जुलाई 2025 को विधिवत निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद 10 जून 2024 को नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई और ट्रस्ट का पता परिवर्तित करते हुए एक सप्लीमेंट्री डीड 23 सितंबर 2025 को उप निबंधक कार्यालय, आगरा में पंजीकृत कराई गई। इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए निष्कासित ट्रस्टी अनुज शर्मा ने सिविल जज (सीडी) आगरा की अदालत में वाद संख्या 19/2026 दाखिल किया। मामले में 5 जनवरी 2026 को न्यायालय ने “यथास्थिति बनाए रखने” का अंतरिम आदेश पारित किया।

आदेश की आड़ में कथित भ्रम
ट्रस्ट प्रबंधन का आरोप है कि अनुज शर्मा उक्त आदेश को स्टे ऑर्डर बताकर प्रचारित कर रहे हैं और यह दावा कर रहे हैं कि अब विद्यालय का संचालन उनके द्वारा किया जाएगा, जबकि न्यायालय के आदेश में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है। प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल उक्त वाद में पक्षकार ही नहीं है, आदेश से पूर्व ही अनुज शर्मा को ट्रस्ट से और रश्मि मिश्रा को प्रधानाचार्य पद से हटाया जा चुका था। यथास्थिति का अर्थ वही स्थिति मानी जाएगी, जो आदेश से पहले विद्यमान थी। 

पूर्व प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप
इसी बीच सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि पूर्व प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा द्वारा कुछ शिक्षकों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि शिक्षकों ने इस संबंध में कई बार उन्हें अवगत कराया और बातचीत के स्क्रीनशॉट भी मौजूद हैं, जो रश्मि मिश्रा से सीधे संवाद की पुष्टि करते हैं। सूत्रों के अनुसार, वेतन न मिलने से शिक्षक मानसिक तनाव में हैं, बावजूद इसके उन्होंने विद्यालय हित में कार्य जारी रखा। इस बिंदु को लेकर भी प्रबंधन स्तर पर आंतरिक जांच की तैयारी बताई जा रही है।

पुलिस से सुरक्षा व हस्तक्षेप की मांग
ट्रस्ट अध्यक्ष गिरीश कुमार शर्मा ने SSP मेरठ से मांग की है कि ट्रस्ट एवं विद्यालय की संपत्ति में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को रोका जाए, ताकि शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

अगली सुनवाई
मामले में न्यायालय ने आदेश 39 नियम 3 सीपीसी के अनुपालन के बाद आदेश प्रभावी होने की बात कही है। अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को निर्धारित है। फिलहाल, पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन आदेश की गलत व्याख्या कर विद्यालय संचालन को लेकर भ्रम फैलाने के आरोपों ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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