तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। मकर संक्रांति और बसंत पंचमी जैसे पर्वों से पहले जहां एक ओर प्रशासन चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर शास्त्री नगर स्थित सेक्टर-11 में पीपलेश्वर मंदिर के ठीक पास प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री एक दुकान पर खुलेआम तो एक दुकान पर एक दिलबाग की पर्ची लिख कर की जा रही है।
हमारे संवाददाता ने मौके पर जाकर जब देखा, वह बेहद चौंकाने वाला है। मंदिर के समीप बनी दो दुकानों अंकुर व शाहिद को चाइनीज मांझा बिक्री का अड्डा बताया गया है। एक दुकान पर बैठी बुजुर्ग महिला ग्राहकों से सीधे मांझा नहीं दे रही थी, बल्कि उन्हें इशारों-इशारों में शाम का समय बता रही थी, जिससे शक न हो और भीड़ न जुटे। जबकि पास खड़ा व्यक्ति मांझा दे रहा था! जबकि कुछ दूरी पर दूसरी दुकान पर मौजूद एक युवक ग्राहकों को पर्ची थमा रहा था और उनसे कह रहा था— “आप थोड़ा आगे पहुंच जाइए, लड़का आ रहा है।” कुछ ही दूरी पर खड़े युवकों के पास थोड़ी देर बाद एक युवक बाइक से पहुंचा, जो कट्टों में भरकर चाइनीज मांझा लेकर आया और वहां खड़े युवकों को मांझा सौंपकर चला गया। पूरी प्रक्रिया इतनी सुनियोजित थी कि यह साफ जाहिर करता है कि यह धंधा लंबे समय से चल रहा है। चिंताजनक बात यह है कि हर साल चाइनीज मांझे से राहगीरों, बच्चों और पक्षियों की जान जा रही है। गले कटने, गंभीर रूप से घायल होने और मौत तक की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद पुलिस और संबंधित विभागों की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है।

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