नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ. आईएमए मेरठ के सचिव डॉ सुमित उपाध्याय ने बताया, हर साल भारत 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाता है। यह दिन लोगों को प्रदूषण से संबंधित मुद्दों और यह हमारे दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करता है, इसके बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वालों को याद करने के लिए इसे मनाया जाता है।
भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है और वायु प्रदूषण के कारण हर साल दुनिया भर में लगभग 7 मिलियन लोग मर जाते हैं। प्रदूषण पर्यावरण में किसी भी पदार्थ, जैसे ठोस, तरल, गैस, या ऊर्जा के किसी भी रूप जैसे गर्मी, ध्वनि आदि का शामिल होना है। प्रदूषण फैलाने के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं जैसे पटाखे फोड़ना, कार्बन उत्सर्जन, बम विस्फोट, गैस रिसाव आदि। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस प्रदूषित जल, भूमि और वायु के कारण खोई गई जिंदगियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है और यह भोपाल गैस त्रासदी जैसी औद्योगिक आपदाओं पर भी प्रकाश डालता है।
प्रदूषण कम करने हैं तो आईएमए अनेक प्रकार के कार्य करता है:-
१. जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग
२. सौर्य ऊर्जा के लिए रूफ टॉप सोलर पैनल
३. मेरठ शहर के विभिन्न स्थानों पर वृहद वृक्षारोपण ।
४. आईएमए परिसर में herbal garden बनाने की भी विचार रखता है।
डीएफओ मेरठ को इस दौरान ज्ञापन सौंपा गया. बताया कि आईएमए परिसर में उपलब्ध पर्यावरण संरक्षण संयंत्रों के दृष्टिगत कृपया करके आईएमए परिसर को कार्बन न्यूट्रल एजेंसी का दर्जा दें. आईएमए मेरठ पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम करता रहता है, गत बुधवार को प्रदूषण के ऊपर व्याख्यान आयोजित किया गया था।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के उपलक्ष में आईएमए मेरठ ने मांग की कि पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरण को जागरूक कर पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की पहल करें। जिससे कि प्रदूषण से होनेवाली गंभीर बीमारियों के ऊपर हम कम कर सके हैं।
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