नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ. महावीर विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी विभाग द्वारा सवेदनशील विषय- कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (Prevention of Sexual Harassment of worsen at work Place) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ प्रिया राव व विधि विभाग से सहायक प्रोफेसर प॰ रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से ऑनलाइन वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महावीर विश्वविद्यालय की वाइस चेयरपर्सन शीतल कौशिक ने दीप प्रज्जवलित करके दिया। मुख्य वम्ता डॉ. प्रिया राव ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न व महिलाओं को संरक्षण प्रदान करने के लिये और कार्यस्थल पर उसके अधिकारो की रक्षा के लिये अधिनियम 2013 के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की इसके साथ ही विशाखा दिशा निर्देश कानून की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुये भँवरी नाम की सामाजिक कार्यकर्ता की घटना का उल्लेख किया व बताया कि महिलाओं का यौन शोषण कार्यस्थल पर ही नहीं बल्कि परिवार और घरो में भी होता है। और वही भरता है जो अपने करीब होता है इसलिये महिलाओं को ना बोलना आना चाहिये।
कला एवं मानविकी विभाग की डीन डॉ सुमन बालियान ने भी एक सवाल किया कि आज का आधुनिक और शिक्षित समाज आज भी महिलाओं के प्रति हो रहे लैंगिक भेदभाव को सहने को तैयार है। साथ ही उत्पीडन म्या है, इसकी शिकायत कैसे की जाए और कहाँ की सबूतो को कैसे सुरक्षित रखा जाए, विभिन्न उदाहरण देकर समझाया व अंत में विद्यार्थियो के प्रश्नों के उत्तर भी दिये।
कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनू सिंह , हिमांशु भारती , डॉ ज्योति सिंह , दानिस्ता ख़ान का कार्यक्रम भो सफल बनाने में सहयोग रहा।
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