नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ. महावीर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में संविधान - दिवस के अवसर पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय Social Media and Digital Addicition जिसमें विधि विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया, जिसमें पक्ष- विपक्ष ने अपने-अपने वक्तव्यों को रसा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ महावीर विश्वविद्यालय की वाईस चेयरपर्सन शीतल कौशिक द्वारा दीप प्रज्जलित कर किया गया, जिसमे उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान की विचारधारा को बनाये रखने के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के महत्व के बारे में बात की, उन्होंने संविधान दिवस के महत्व, इसके उत्सव के महत्व पर भी ज़ोर दिया और भारतीय संविधान के विकास में योगदान देने वाले लोगों को याद किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक सहायकों ने संविधान के आदर्शों और उनके पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान की रचना, इसके उद्देश्यों और नागरिकों के अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी गई और सामाजिक, पारिवारिक व व्यक्तिगत जरूरतों जैसे संविधान की पूर्वापेक्षाओं को इंगित करने वाले उदाहरणों के साथ अन्य देशों की तुलना में भारतीय संविधान के बुनियादी अंतरों पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता में पक्ष और विपक्ष में राबिया खान और
प्रियांशी सोम प्रथम रही तथा नबील खान और कृतिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और संविधान के बीच के संबंधों को रेखांकित किया गया।कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक संदेशों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ के साथ हुआ। उपस्थित विद्यार्थियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र के महत्व को गहराई से समझने का अनुभव साझा किया। संविधान दिवस के इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा जगाई। इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में विधि विभाग के समस्त शिक्षकगण व छात्र-छात्राये उपस्थित रहे।
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