मोहम्मद इमरान
नित्य संदेश, किठौर। इस्लाम की विशेषता इंसानियत है, इस्लाम सभी
कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने की क्षमता रखता है। यह विचार
दारूल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ के उस्ताद और प्रसिद्ध वक्त मौलाना खालिद फैसल नदवी
ने जामिया गुलजार हुसैनिया अजराडा के 105वें वार्षिक
जलसे की तीसरी व अंतिम बैठक में व्यक्त किए।
दारूल उलूम देवबंद के उस्ताद मौलाना मुनीर अहमद कासमी ने कहा, सुन्नतों का पालन करना अल्लाह से मोहब्बत का जरिया है, मौलाना अनीस अहमद आजाद ने अपने संबोधन में कहा कि जिस दिल में ईमान बस
जाता है, वह कभी दूसरी ओर नहीं खींच सकता। मौलाना अब्दुल खालिक ने सुन्नतों पर अमल करने की पुरजोर अपील की। तीसरी बैठक में मौलाना हसरत अली और करी महताब ने नात पाक पेश की। जामिया के मोहतमिम मौलाना हकीम मोहम्मद अब्दुल्ला मुगैसी ने जामिया के
शानदार इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां हजरत मदनी मौलाना इलियास सैखुल
इस्लाम और हजरत थानवी ने भी तकरीर की है। जामिया के छात्रों
ने 2 घंटे तक अपने दिलचस्प और सुंदर प्रोग्राम प्रस्तुत किए। मौलाना सैयद अकील ने कालीमाद पेश किया, जबकि इस
कार्यक्रम का संचालन मौलाना आस मोहम्मद गुलजार कासमी ने किया। मुफ्ती मौलाना मोहम्मद अहसान कासमी ने निकाह पढाए। कार्यक्रम
में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के अतिरिक्त क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भारी
संख्या में भाग लिया। मौहतमिम जामिया की दुआ पर कार्यक्रम का
समापन हुआ।

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