नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विद्या नॉलेज पार्क अब विद्या विश्वविद्यालय के
नाम से जाना जाएगा। मेरठ सहित विद्या परिवार के लिए यह मील का पत्थर बन गया है।
इसको लेकर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने नए विद्या विश्वविद्यालय की
स्थापना के लिए प्राधिकरण पत्र प्रदान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार से रविवार को
विद्या विश्वविद्यालय के परिचालन अनुमति मिल गई। इससे विद्या परिवार के साथ मेरठ
के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने
विद्या विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में निजी
विश्वविद्यालय के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार को लेकर विद्या
विश्वविद्यालय के संचालन की अनुमति दी। उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल
की उपस्थिति में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विद्या विश्वविद्यालय मेरठ को संचालन
की अनुमति देते हुए नियमों एवं और शर्तों के अनुपालन पर बल दिया।
विद्या विश्वविद्यालय के परिचालन अधिकार पत्र प्राप्त
करने के पश्चात विद्या नॉलेज पार्क के चेयरमैन प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि शिक्षा
जगत में शिक्षा के क्षेत्र में विद्या ने मील का पत्थर स्थापित किया है। अब विद्या
विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा को गुणवत्ता के शिखर पर ले जाने का अवसर
मिला है। विश्वविद्यालय में विज्ञान,
प्रौद्योगिकी, मानविकी और सामाजिक विज्ञान जैसे विविध विषयों में पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
विशेष ध्यान आधुनिक तकनीकी प्रयोगशालाओं और लाइब्रेरी की सुविधाओं पर दिया जाएगा, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार में भी
बढ़ावा मिल सके।
प्रबंध निदेशक विशाल जैन ने कहा कि काफी समय से
विद्या नॉलेज पार्क विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर था। आखिरकार वह समय आ गया।
उच्च शिक्षा विभाग ने नए विद्या विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्राधिकरण पत्र
प्रदान कर दिया है। अब विद्या नॉलेज पार्क विद्या विश्वविद्यालय के नाम से जाना
जाएगा। इससे मेरठ सहित आस-पास के जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय की
स्थापना अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की योजना है, इसके प्रवेश के लिए
प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ की जाएगी।
विद्या नॉलेज पार्क के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर हिरेन
दोषी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि विद्या हमशा से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है।
विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देना, अनुसंधान को प्रोत्साहित
करना और छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुसार शिक्षा प्रदान करना होगा। उन्होंने
कहा कि यह विश्वविद्यालय देश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार
करेगा और नए अनुसंधान व आविष्कार को प्रोत्साहन देगा।ह्व उन्होंने यह भी बताया कि
इस संस्थान में शिक्षा का स्तर अत्यंत उच्च होगा, जो भारतीय छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के स्तर
पर खड़ा करने में सहायक सिद्ध होगा।

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