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लक्ष्मी जी बने सहाय,
फले-फूले व्यवसाय,
धनवंतरी देव की,
आज पूजा कीजिए।
सिक्कों की हो घन-घन,
पास आए खूब धन,
करें धनेश्वर कृपा ,
वर यही दीजिए।
सब करें खरीदारी,
सुख-समृद्धि हो भारी,
झाड़ू, पात्र, सोना-चांदी,
ऐश्वर्य खरीदिए।
पाए सौभाग्य, संपदा,
निरोगी काया हो सदा,
उत्सव धनतेरस,
बधाईयां लीजिए।
सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल'
इंदौर (म.प्र.)
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