नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आनंदपुरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आज 10 लक्षण पर्व धूमधाम से मनाया गया, सर्वप्रथम चंद्र प्रभु भगवान एवं शांतिनाथ भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान करके अभिषेक किया गया। इसके उपरांत भगवान पर शांति धारा की गई।
भगवान महावीर, देव शास्त्र गुरु एवं 16 कारण पूजा की गई। इसके बाद 10 लक्षण पर्व के विशेष अवसर पर उत्तम अकिंचन धर्म की पूजा करके अर्घ चढ़ाए गए। विश्व शांति महावीर मंडल विधान बड़ी जयमाला के साथ संपन्न 10000 मन्त्रों की आहुति देकर हवन किया गया तथा ऋषभ एंड पार्टी द्वारा सभी पूजाएं संगीत की धुन पर कराई गई तथा भक्तों ने नृत्य किया। पंडित श्री नंदन शास्त्री ने बताया कि आत्मा के अपने गुणों के सिवाय जगत में अपनी अन्य कोई भी वस्तु नहीं है इस दृष्टि से आत्मा अकिंचन है। अकिंचन रूप आत्मा-परिणति को आकिंचन करते हैं। जीव संसार में मोहवश जगत के सब जड़ चेतन पदार्थों को अपनाता है, किसी के पिता, माता, भाई, बहिन, पुत्र, पति, पत्नी, मित्र आदि के विविध सम्बंध जोड़कर ममता करता है। शाम को सामूहिक रूप से आरती की गई तथा भजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुनी प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कल प्रणम्य सागर महाराज द्वारा रचित वर्धमान स्तोत्र विधान किया जाएगा।
भक्तों ने सभी क्रियाओं में उत्साह के साथ भाग लिया। इन सभी क्रियो में सुनील प्रवक्ता, विनय जैन, अचल जैन, शैलेंद्र जैन, तरस जैन, सत्येंद्र जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।
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