नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मंगलवार को उत्तम आर्जव धर्म पर तीरगरान जैन मंदिर में सुबह दसलक्षण विधान निखिल शास्त्री द्वारा हुआ, उसके बाद आरोन से आए पंडित अमन शास्त्री ने उत्तम आर्जव धर्म के बारे में बताया। कहा कि कभी भी जीवन में मायाचारी नही करना, उसके फल में नरक और पशु गति मिलती है। अपने को भगवान ना मानना, अपने से ही मायाचारी है। सभी जीव अपने जीवन में धर्म के बल से आर्जव धर्म प्रकट करें और अपनी आत्मा का कल्याण करे। अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन के अध्यक्ष दिव्यांश पंडित, मनीष शास्त्री, निखिल शास्त्री, अजय, आदेश, रोहित सभी संस्था के सदस्यों ने सभा में उपस्थित लोगों को पुरस्कार वितरण किए।
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