हर्फ़कार फाउंडेशन के तत्वावाधान में आईएमए हॉल में सजी शायराना, क्लासिकल व सूफियाना महफिल
ताबिश फरीद
नित्य संदेश, मेरठ। हर्फ़कार फाउंडेशन के तत्वावधान में आईएमए हॉल में शायराना, क्लासिकल व सूफियाना महफिल का आयोजन किया गया।
कपिल शर्मा शो व सोनी टीवी पर चल रहे "आपका अपना जाकिर" में जलवे बिखेरने के बाद प्रसिद्ध शायर अजहर इकबाल की सोलो परफॉर्मेंस ने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने न केवल अपनी बेहतरीन शायरी से श्रुताओं को भावुक किया, बल्कि मजाकिया अंदाज में सभी को खूब गुदगुदाया। उनको सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग टिकट लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। दूसरे शो में दिल्ली घराना से ताल्लुक रखने वाले गजल गायक उस्ताद फरीद हसन खान और उस्ताद महबूब हुसैन खान ने क्लासिकल और सूफी म्यूजिक से समा बांधा। हिंदुस्तानी कल्चरल म्यूजिक को बढ़ावा देने वाले उस्ताद फरीद हसन ने कहा, जब युवा पीढ़ी को क्लासिकल म्यूजिक सुनता देखते हैं तो खुशी का एहसास होता है। उस्ताद महबूब हुसैन खान ने कहा, सूफियाना कलाम का पुराना इतिहास रहा है। शायरी, संगीत एक दूसरे को करीब लाने और भाग दौड़ भरी जिंदगी में सुकून के लम्हे प्रदान करने के लिए बड़ा योगदान है।
हर्फ़कार फाउंडेशन के सेक्रेटरी व कार्यक्रम ऑर्गेनाइजर अजहर इकबाल ने कहा, साहित्य व विभिन्न कलाओं को बढ़ावा देने के लिए हम समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन करते रहते हैं। आज हर दूसरा व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार नजर आता है। इस तरह की महफिलें मन को आनंदित व दिमाग को कुछ क्षण के लिए चिताओं से जरूर दूर कर देती है। उन्होंने कहा, जीवन यापन करने के लिए काम करना बहुत आवश्यक है, लेकिन इस बीच हमें खुद को नहीं भूलना चाहिए। अपने लिए समय निकाले, जीवन एक बार मिलता है इसको खुलकर जिएं। कार्यक्रम में शहर की गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कोकब फरीद ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
पसंद की गयी अजहर इकबाल की शायरी
उसकी गली से जब भी भ्रमण होता है
उसके द्वार पर आत्मसमर्पण होता है
ये पहला इश्क है तुम्हारा सोच लो
मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
मैं दस्तकों पे दस्तके दिए गया
वो एक दर कभी मगर खुला नहीं
कितने लोग अकाल ग्रस्त हैं दुनिया में
रोटी जब खाओ तो चिंतन करते रहो
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